Oh dard dard nahi hunda, jihnu byaan karn lai saadhiyaa akhaan hungaara na bharan
ਉਹ ਦਰਦ ਦਰਦ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ, ਜਿਹਨੂੰ ਬਿਆਨ ਕਰਨ ਲਈ ਸਾਡੀਆ ਅੱਖਾਂ ਹੁੰਗਾਰਾ ਨਾ ਭਰਨ
Oh dard dard nahi hunda, jihnu byaan karn lai saadhiyaa akhaan hungaara na bharan
ਉਹ ਦਰਦ ਦਰਦ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ, ਜਿਹਨੂੰ ਬਿਆਨ ਕਰਨ ਲਈ ਸਾਡੀਆ ਅੱਖਾਂ ਹੁੰਗਾਰਾ ਨਾ ਭਰਨ
जाते जाते एक उम्दा तालीम दे गया, वो मुसाफिर, खुदकी तलाश में घर से निकल गया, वो मुसाफिर, सोचा साथ जाऊं मैं भी, पर जाऊंगा कहां, जा चुका होगा मीलों दूर, उसे पाऊंगा कहां, इसी सोच में रात हुई, नींद का झोंका आ गया, सुबह आंखे खुली तो सोचा, क्या वो मौका आज आ गया ? के चला जाऊं सबसे इतना दूर के कुछ ना हो, गहरी नींद में बेड़ियां मिले पर सचमुच ना हो, सच हो तो बस आसमां में परिंदो सी उड़ान हो, चाहूंगा हर सितमगर का बड़ा सा मकान हो, वहां आवाज़ देकर झोली फैलाएगा वो मुसाफिर, तुम्हे देख भीगी पलकें उठाएगा वो मुसाफिर, मोहब्बत से एक रोटी खिलाकर देखना तुम, शोहरत से दामन भर जाएगा वो मुसाफिर...
Eve aakad na kar mundeyaa
eh saadhe kol batheri aa
dil e aa gya tere te
unjh duniyaa tan fan batheri aa
ਐਂਵੇਂ ਆਕੜ ਨਾ ਕਰ ਮੁੰਡਿਆ,
ਇਹ ਸਾਡੇ ਕੋਲ ਬਥੇਰੀ ਆ..
ਦਿਲ ਈ ਆ ਗਿਆ ਤੇਰੇ ਤੇ,
ਉਂਝ ਦੁਨੀਆਂ ਤਾਂ Fan ਬਥੇਰੀ ਆ