Dard dene wala bhi bhut kuch sikhakar jata hai
Or agar dard mein likhna sikh lo to vo dwa ban jata hai..!!
दर्द देने वाला भी बहुत कुछ सिखाकर जाता है
और अगर दर्द में लिखना सीख लो तो वो दवा बन जाता है..!!
Dard dene wala bhi bhut kuch sikhakar jata hai
Or agar dard mein likhna sikh lo to vo dwa ban jata hai..!!
दर्द देने वाला भी बहुत कुछ सिखाकर जाता है
और अगर दर्द में लिखना सीख लो तो वो दवा बन जाता है..!!
मैंने मेरे मन में
एक भरोसा पाला
उसे कभी क़ैद नहीं किया
वह जब-जब उड़ा फिर लौट आया
चिड़िया जैसे नन्हे पंख उगे
धरती के गुरुत्व के विरुद्ध पहली उड़ान
पहला लक्षण था आज़ादी की चाहना का
भरोसे के भीतर एक और भरोसा जन्मा
और ये सिलसिला चलता रहा
अब इनकी संख्या इतनी है
कि निराश होने के लिए
मुझे अपने हर भरोसे के पंख मरोड़कर
उन्हें अपाहिज बनाना होगा!
करना होगा क़ैद
जो मैं कर नहीं पाऊँगी
हैरानी! मैं ऐसा सोच भी पाई
अपनी इस सोच पर बीती रात घंटों सोचा
ख़ुद पर लानतें फेंकीं
कोसा ख़ुद को
मन ग्लानि से भर उठा
आँखों के कोने भीगते गए
और फिर इकठ्ठा किया अपना सारा प्यार
उनके पंखों को सहलाया
हर एक भरोसे को पुचकारा
उनके सतरंगे पंखों को
आज़ादी के एहसास से भरते देखा
सुबह तक वे एक लंबी उड़ान पर निकल चुके थे
उनकी अनुपस्थिति में
मैं निराश!
पर जान पा रही थी कि शाम तक वे लौट आएँगे
यह वह भरोसा है
जिसके पंख अभी उगने बाक़ी हैं
जो अभी ही है जन्मा!
प्यार के काबिल न थे
फिर भी दीवाना बना दिया❤
जिसे बेइंतेहा चाहा उसने
दुश्मन ज़माना बना दिया🙌
Pyar ke kaabil na the,
Phir bhi deewana bana diya, ❤️
Jise beintehan chaha usne,
Dushman zamaana bana diya.🙌