Enjoy Every Movement of life!
उसने जैसे जैसे कहा, हम करते चले गए,
उसने जहां जहां कहा, हम चलते चले गए,
हमने तो अपनी सांसों की डोर भी उसके हाथों में दे रखी थी,
उसने जैसे जैसे छोड़ा, हम मरते चले गए.
Ishq hai mere bhi jehan me magar kisi raat ki tarah sunsaan hai
likhta hu jiske liye sab wo ab tak anjaan hai
इश्क़ है मेरे भी जेहन में मगर किसी रात की तरह सुनसान है !
लिखता हूं जिसके लिए सब वो अब तक अनजान है | ____Vikram♥️
