Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status
Shotti umre rog ishq de la gya tu || true love shayari || heart broken
Dass kehri gallon duriyan pa gya || sad shayari
Dass kehri gallon duriyan eh pa gya tu
Pyar ch pagal kar khud palla shuda gya tu
Sanu jionde jee hi sajjna muka gya tu
Shotti umre hi rog ishq de la gya tu
ਦੱਸ ਕਿਹੜੀ ਗੱਲੋਂ ਦੂਰੀਆਂ ਇਹ ਪਾ ਗਿਆ ਤੂੰ
ਪਿਆਰ ‘ਚ ਪਾਗਲ ਕਰ ਖੁਦ ਪੱਲਾ ਛੁਡਾ ਗਿਆ ਤੂੰ
ਸਾਨੂੰ ਜਿਓੰਦੇ ਜੀਅ ਹੀ ਸੱਜਣਾ ਮੁਕਾ ਗਿਆ ਤੂੰ
ਛੋਟੀ ਉਮਰੇ ਹੀ ਰੋਗ ਇਸ਼ਕ ਦੇ ਲਾ ਗਿਆ ਤੂੰ..!!
Title: Shotti umre rog ishq de la gya tu || true love shayari || heart broken
Camel ki gardan || akbar birbal kahani
अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?
एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?
बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”
तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।
और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।
