
Kyu zind meri nu tadfaunda e..!!
Tu shaddna vi nhi menu rakhna vi nhi
Fer dass sajjna ki chahunda e..!!

Bhuti lod nhi dilaseyan di rehan de o yara
Seh lawange ishq ch mili hoyi haar nu..!!
Le mann leya k tenu koi chahat nhi sadi
Asi sambhalange apne ikk tarfe pyar nu..!!
ਬਹੁਤ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਦਿਲਾਸਿਆਂ ਦੀ ਰਹਿਣ ਦੇ ਓ ਯਾਰਾ
ਸਹਿ ਲਵਾਂਗੇ ਇਸ਼ਕ ‘ਚ ਮਿਲੀ ਹੋਈ ਹਾਰ ਨੂੰ..!!
ਲੈ ਮੰਨ ਲਿਆ ਕਿ ਤੈਨੂੰ ਕੋਈ ਚਾਹਤ ਨਹੀਂ ਸਾਡੀ
ਅਸੀਂ ਸਾਂਭਲਾਂਗੇ ਆਪਣੇ ਇੱਕ ਤਰਫ਼ੇ ਪਿਆਰ ਨੂੰ..!!
ना हुस्न से, ना सूरत से, ना तेरी अदाओं से दिल बेचैन है…
तेरे जिस्म का घायल करने वाला हिस्सा, तो सिर्फ़ तेरे नैन हैं..
देखा जो तूने, लगा लहरों पे चलती, ठंडी हवाओं का झोंका है..
क्या समझ इस इशारे में, कुछ था, या मेरी नजरों का धोखा है..
अब ना दिन में चैन है, ना रातों को सुकून मिलता है..
क्या तुझे लगता है, के किसी रांझे से मेरा खून मिलता है..??
अब तू ही सुलझा ये गुत्थी, जो मेरे ज़हन में चल रही है..
क्या ये आग ठीक है, प्यार की, जो मेरे सीने में जल रही है..?