
Kyu zind meri nu tadfaunda e..!!
Tu shaddna vi nhi menu rakhna vi nhi
Fer dass sajjna ki chahunda e..!!

Tujhe hak hai apni duniyaa me khushh rehne ka
mera kya..
Meri toh duniyaa hi tu hai
तुझे हक़ है अपनी दुनिया में खुश रहने का..
मेरा क्या..
मेरी तो दुनिया ही तू है..
है वो मेरी मोहब्बत की रूह, इसलिए पास मेरे वो रहती है..
मुझे पागल समझेगी ये दुनिया, तभी वो कुछ ना कहती है..
सुबह उठे साथ में वो मेरे, शाम आंखों के साथ वो ढलती है..
वो जी ना सकी जो साथ मेरे, तो मरके साथ में चलती है..
राहें तो बदल गयीं उसकी मगर, राहौं से मुडी वो रहती है..
मेरी रूह से जुडना है हक उसका, तभी साथ जुडी वो रहती है..
हर खुशी बांटती है मेरी, हर गम मेरे संग सहती है..
मुझे वो लगती है अपनी, और मुझे वो अपना कहती है….