milna tujhse aitfaak tha
pyar karna majhboori
bichhad ke jaana marji thi
shodh kar dastaan adhoori
मिलना तुझसे एतेफाक था
प्यार करना मजबूरी
बिछड़ के जाना मर्जी थी
छोड़ कर दास्तान अधूरी
milna tujhse aitfaak tha
pyar karna majhboori
bichhad ke jaana marji thi
shodh kar dastaan adhoori
मिलना तुझसे एतेफाक था
प्यार करना मजबूरी
बिछड़ के जाना मर्जी थी
छोड़ कर दास्तान अधूरी
Pyar ik tarfa howe
tan rulaunda bahut
be vajah raatan nu jagaunda bahut
ਪਿਆਰ ਇਕ ਤਰਫਾ ਹੋਵੇ
ਤਾਂ ਰੁਲਾਉਂਦਾ ਬਹੁਤ
ਬੇ ਵਜ੍ਹਾ ਰਾਤਾਂ ਨੂੰ ਜਗਾਉਂਦਾ ਬਹੁਤ
अगर है प्यार मुझसे तो बताना भी ज़रूरी है
दिया है हुस्न मौला ने दिखाना भी ज़रूरी है
इशारा तो करो कभी मुझको अपनी निगाहों से
अगर है इश्क़ मुझसे तो जताना भी ज़रूरी है
अगर कर ले सभी ये काम झगड़ा हो नहीं सकता
ख़ता कोई नजर आए छुपाना भी ज़रूरी है
अगर टूटे कभी रिश्ता तुम्हारी हरकतों से जब
पड़े क़दमों में जाकर फिर मनाना भी ज़रूरी है
कभी मज़लूम आ जाए तुम्हारे सामने तो फिर
उसे अब पेट भर कर के खिलाना भी ज़रूरी है
अगर रोता नजर आए कभी मस्जिद या मंदिर में
बड़े ही प्यार से उसको हँसाना भी ज़रूरी है
~ मुहम्मद आसिफ अली