SIMPLE JI KUDDI ME
ATT NAHIO CHUKDI
DEKH JATTA SUIT VICH JATTI KINNI FABDI
SIMPLE JI KUDDI ME
ATT NAHIO CHUKDI
DEKH JATTA SUIT VICH JATTI KINNI FABDI
Kaisi nainsafi hai ye
Vo galat hokar bhi sahi hum sahi hokar bhi nhi💯
कैसी नाइंसाफी है ये
वो गलत होकर भी सही हम सही होकर भी नही💯
तू क्यूं उसे इस क़दर तांक रहा है,
हां वही फकीर, जो वहां नाच रहा है…
मुस्कुरा रहा है तू उसकी फटी कमीज़ देखकर,
देख, वो भी हंस रहा है तेरी तमीज़ देखकर…
सोच मत, के उसकी किस्मत तुझसे हारी है,
उसकी खाली जेब तेरे पैसों से ज्यादा भारी है…
वो तो हर घर दुआएं बांटता है,
जैसे हर दर खुदाए बांटता है…
मखमल का बिछौना तुझे रास नहीं आता,
देख, वो घास में सोने से बाज़ नहीं आता…
छुपाता है तू असलियत झूठी मुस्कान के पीछे,
कितना सुकून है उसकी हर मुस्कान के पीछे…