SIMPLE JI KUDDI ME
ATT NAHIO CHUKDI
DEKH JATTA SUIT VICH JATTI KINNI FABDI
SIMPLE JI KUDDI ME
ATT NAHIO CHUKDI
DEKH JATTA SUIT VICH JATTI KINNI FABDI
हर दिन वही सूरज निकलता है,
हर रात वही चाँद भी चमकता है,
आसमान भी वही है और इंसान भी।
तो फिर हर दिन नया सा क्यों लगता है…
नई उम्मीद से जीने का हौसला कहाँ से मिलता है…
ये ख़ुदा, तेरी कुदरत का क्या कहें…
इंसान जितना भी पुराना हो,
ज़िंदगी का हर दिन एक नया सफ़र बन जाता है।
हर रात वही चाँद भी चमकता है,
आसमान भी वही है और इंसान भी।
तो फिर हर दिन नया सा क्यों लगता है…
नई उम्मीद से जीने का हौसला कहाँ से मिलता है…
ये ख़ुदा, तेरी कुदरत का क्या कहें…
इंसान जितना भी पुराना हो,
ज़िंदगी का हर दिन एक नया सफ़र बन जाता है।” target=”_blank” rel=”noopener noreferrer nofolllow external”>Translate Facebook Whatsapp
Main khush ravan ya na ravan
Rabb khush rakhe tenu
Tere saare dukh dard vi de
Deve mainu
Seh launga ovi hass ke apne
Taan main seh rehan
Tun vaapis aaja kol mere
Rampurey wala ey keh reha