Main kina kita tera
Mere dhadak de dil nu puch k vekh
Tu kina girya hoya nav
Akha kol k khud de andar vekh
Main kina kita tera
Mere dhadak de dil nu puch k vekh
Tu kina girya hoya nav
Akha kol k khud de andar vekh
इक झील मिली है, एक झरने के बाद
बस कुछ ही दूर घर से,गुज़रने के बाद
ये समझा रहे हैं, की खतरा है मुझको
वो भी आधे से ज़्यादा, उतरने के बाद
फिर सूखी आंख लेकर,लौट आया मैं
अपने वही पे सारे आंसू,धरने के बाद
मेरे चार दर्द भी, ना संभाले गए उससे
ये झरना भर गया,आंसू भरने के बाद
अरे तुम भी कहां सुनोगे, बाते हमारी
हम भी समझे थे,इश्क़ करने के बाद
मेरी हिम्मत को,देखा कैसे जाए बोलो
लोग हमे भी डरा रहे हैं, डरने के बाद
के कुछ खड़े होते हैं कैसे, तनके देखो
मेरे सामने से मुंह पर, मुकरने के बाद
ajeeb sa jahar hai teree yaadon mai,
marte marte mujhe saari zindagi lagegee…..
अजीब सा जहर है तेरी यादों मै,
मरते मरते मुझे सारी ज़िन्दगी लगेगी……