Dhur andar gam hazar rakhiye..!!
Dil vich gehriyan udaasiyan luko ke
Chehre te haase barkrar rakhiye..!!
आसमां छूने की ख्वाहिश किसकी नहीं होती,
बस फर्क इतना है, हर किसी की पूरी नहीं होती,
पूरी होती है उनकी, जो पसीने की बूंदे नही गिनते ,
अब दुआओं में मेहनत जितनी बरकत कहां होती,
किसने कहा दुआओं से सब हासिल हो जाता है,
ऐसा कुछ होता तो आज किसी की हसरतें बाकी ना होती,
मसला हसरतों का है इसीलिए मेहनत की तालीम सीखी है,
कुछ तो कमी है खुदा मेरे, जो दुआएं आज थोड़ी फीकी है...
शायरी लिखना उन्होंने शुरू किया,
हमें तो कविताओं का शौक था।
कलाकार वो खुद को कहते थे,
हमे तो उनकी कलाओं का शौक था