ajj ve apni likhat cha utarde ha
ohna de isqa nu
bhawa asi ona de dil cho utar gaye
ajj ve apni likhat cha utarde ha
ohna de isqa nu
bhawa asi ona de dil cho utar gaye
Ajj vi apni likhat ch utaarde ha
ohna de ishq nu
bhawein asi ohna de dil cho utar gaye💔
ਅੱਜ ਵੀ ਆਪਣੀ ਲਿਖਤ ‘ਚ ਉਤਾਰਦੇ ਹਾਂ
ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਇਸ਼ਕ ਨੂੰ
ਭਾਵੇਂ ਅਸੀਂ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਦਿਲ ‘ਚੋਂ ਉੱਤਰ ਗਏ💔
हमने डूबते सूरज की एक शाम को अपना किरदार बदल डाला,
के उस मोहब्बत की चुभन को शायरी का नजमा दे डाला,
लोग मेरी तकरीरों पर वाह वाही दे रहे थे,
भीड़ में कुछ लोग ताली बजाकर, तो कुछ लोग अपनी नाकाम मोहब्बत की दलील दे रहे थे।
महफिल के शोर से एक जानी पहचानी सी आवाज आई,
तू आज भी आगे नहीं बढ़ा की उसने गुहार लगाई,
उसकी इस शिकायत में परवान था पुराने यारो का ।
मै हैरान था कौन था यह शक्स
अनजानों की भीड़ में जिसने मेरे शब्दो में छुपी नाकाम मोहब्बत को पहचाना था,
मुस्कुराता हुआ सामने आया तब समझ आया अरे यह तो यार पुराना था।
अभी मुश्किल है, कैसे बताऊ के दिल में क्या चल रहा है..
एक अजीब से उलझन में हूँ, दिल मेरा जैसे के जल रहा है..
ना जाने परेशानी की वजह है क्या, बेचैनी बड़ी अजब सी है..
ये खुद मेरी समझ से बाहर है, कुछ तो है जो खल रहा है..