kalam chalauni kehrri saukhi e
gal banauni kehrri saukhi e
dil di gal akhraan raahi
samjauni kehri saukhi e..
ਕਲਮ ਚਲਾਉਣੀ ਕਿਹੜੀ ਸੌਖੀ ਏ,
ਗੱਲ ਬਣਾਉਣੀ ਕਿਹੜੀ ਸੌਖੀ ਏ,
ਦਿਲ ਦੀ ਗੱਲ ਅੱਖਰਾਂ ਰਾਹੀਂ
ਸਮਝਾਉਣੀ ਕਿਹੜੀ ਸੌਖੀ ਏ…..
kalam chalauni kehrri saukhi e
gal banauni kehrri saukhi e
dil di gal akhraan raahi
samjauni kehri saukhi e..
ਕਲਮ ਚਲਾਉਣੀ ਕਿਹੜੀ ਸੌਖੀ ਏ,
ਗੱਲ ਬਣਾਉਣੀ ਕਿਹੜੀ ਸੌਖੀ ਏ,
ਦਿਲ ਦੀ ਗੱਲ ਅੱਖਰਾਂ ਰਾਹੀਂ
ਸਮਝਾਉਣੀ ਕਿਹੜੀ ਸੌਖੀ ਏ…..
रात को रात, सुबह को सुबह लिखते हो
अच्छे को अच्छा बुरे को,बुरा लिखते हो
तुम्हें तो आदत है,दर्द को दर्द लिखने की
मतलब हम से बिल्कुल,जुदा लिखते हो
खुदा को तो, कभी लिखा ही नहीं तुमने
पत्थर को बना के मूरत,खुदा लिखते हो
तुम तो दुश्मनी में भी, करते हो व्यापार
बनकर हक़िम,ज़हर की दवा लिखते हो
बो तो लिख देता है,बेवफ़ाई को मज़बूरी
भैरव क्यूं बेवफ़ा को, बेवफ़ा लिखते हो
Na dosti Mili na pyar Mila
Humein to bas Intezaar mila😇
Logo ko Mila hoga insano mein khuda
Humein to har shakhas bekaar mila🙃
ना दोस्ती मिली ना प्यार मिला
हमें तो बस इंतजार मिला😇
लोगो को मिला होगा इंसानों में खुदा
हमें तो हर शख्स बेकार मिला🙃