ਮੈਨੂੰ ਹੋਰ ਕੁਸ਼ ਨੀ ਚਾਹੀਦਾ 💘
ਬੱਸ ਤੇਰਾ ਜਿੰਦਗੀ ਭਰ ਸਾਥ ਚਾਹੀਦਾ 🌷
mainu hor kush nahi chahida
bas tera zindagi bhar saath chahida
ਮੈਨੂੰ ਹੋਰ ਕੁਸ਼ ਨੀ ਚਾਹੀਦਾ 💘
ਬੱਸ ਤੇਰਾ ਜਿੰਦਗੀ ਭਰ ਸਾਥ ਚਾਹੀਦਾ 🌷
mainu hor kush nahi chahida
bas tera zindagi bhar saath chahida
दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞
तिश्नगी थी मुलाक़ात की,
उस से हाँ मैंने फिर बात की।
दुश्मनी मेरी अब मौत से,
ज़िंदगी हाथ पे हाथ की।
सादगी उसकी देखा हूँ मैं,
हाँ वो लड़की है देहात की।
तुमने वादा किया था कभी,
याद है बात वो रात की।
अब मैं कैसे कहूँ इश्क़ इसे,
बात जब आ गई ज़ात की।
मुझसे क्या दुश्मनी ऐ घटा,
क्यों मेरे घर पे बरसात की।
हमको मालिक ने जितना दिया,
सब ग़रीबों में ख़ैरात की।
तू कभी मिल तो मालूम हो,
क्या है औक़ात औक़ात की।