
Dil di zid e bas ke marna tere te hi e..!!

मेरी हर सांस तड़प रही है, तुझे ये बताने के लिए..
के अब तुझे मौका ना मिलेगा, मेरे दिल को सताने के लिए..
मैंने हुक्म दे दिया है दिल को, तेरी कीमत घटाने के लिए..
अब ज्यादा वक्त नहीं लगेगा, तुझे अपने दिल से हटाने के लिए..
तेरा कोई हक ना होगा अब, मेरे दिल पर जताने के लिए..
अब तुझे जरूरत नहीं किसी वजह की, मेरे दिल से जाने के लिए….
ham ne kab maanga hai tum se apanee vafaon ka sila
bas dard dete raha karo “mohabbat” badhatee jaegee..
हम ने कब माँगा है तुम से अपनी वफ़ाओं का सिला
बस दर्द देते रहा करो “मोहब्बत” बढ़ती जाएगी..