Likhti to pehle bhi thi mein
Magar dil jab se toota hai mashoor ho gyi hu ✍️
लिखती तो पहले भी थी मैं,
मगर दिल जब से टूटा है मशहूर हो गई हू✍️
Likhti to pehle bhi thi mein
Magar dil jab se toota hai mashoor ho gyi hu ✍️
लिखती तो पहले भी थी मैं,
मगर दिल जब से टूटा है मशहूर हो गई हू✍️
तू क्यूं उसे इस क़दर तांक रहा है,
हां वही फकीर, जो वहां नाच रहा है…
मुस्कुरा रहा है तू उसकी फटी कमीज़ देखकर,
देख, वो भी हंस रहा है तेरी तमीज़ देखकर…
सोच मत, के उसकी किस्मत तुझसे हारी है,
उसकी खाली जेब तेरे पैसों से ज्यादा भारी है…
वो तो हर घर दुआएं बांटता है,
जैसे हर दर खुदाए बांटता है…
मखमल का बिछौना तुझे रास नहीं आता,
देख, वो घास में सोने से बाज़ नहीं आता…
छुपाता है तू असलियत झूठी मुस्कान के पीछे,
कितना सुकून है उसकी हर मुस्कान के पीछे…
उसने छोड़ा और यूं छोड़ा अब मिलते नही है हम
तेरे बाद तेरे बारे में लिखते नही है हम
महफिलों में बैठ कर राज खोले होगे हमने
पर आज कल किसी दूसरे को दिखते नही है हम