Likhti to pehle bhi thi mein
Magar dil jab se toota hai mashoor ho gyi hu ✍️
लिखती तो पहले भी थी मैं,
मगर दिल जब से टूटा है मशहूर हो गई हू✍️
Likhti to pehle bhi thi mein
Magar dil jab se toota hai mashoor ho gyi hu ✍️
लिखती तो पहले भी थी मैं,
मगर दिल जब से टूटा है मशहूर हो गई हू✍️
मैं मुकम्मल होके भी अधूरा ही रहा हु ,
तमाम आजमइशों के बाद भी अकेला ही रहा हु ।
मैं हर बार करता रहा जिसकी हसी की दुआ
बदले मे इसके हर बार रोता रहा हूँ ।
हर बार बेवजह रूठता है कोई मुझसे
लाख कोशिशों के बाद भी खुद को खोटा रहा हूँ ।
मेरी कोशीशे मिटा रही है तमाम जख्मो को मेरे ,
दूसरी तरफ जज़बातो की आड़ मे एनहे खुरेद रहा हूँ ।
