Likhti to pehle bhi thi mein
Magar dil jab se toota hai mashoor ho gyi hu ✍️
लिखती तो पहले भी थी मैं,
मगर दिल जब से टूटा है मशहूर हो गई हू✍️
Likhti to pehle bhi thi mein
Magar dil jab se toota hai mashoor ho gyi hu ✍️
लिखती तो पहले भी थी मैं,
मगर दिल जब से टूटा है मशहूर हो गई हू✍️
Dard do dilon ka raasta hota hai,
Kise rishte ka mohtaj nahi.
Dard do dildaron ki masoomiyat batata hai,
Kisi raees ki pehchan nahi.
Dard ko thodi hamdardi chahiye,
Dard ko choti tasalli chahiye,
Kisi kagaz ki mohar nahi.
Halki si thandi hawaein mangta hai,
Sath hone ka ehsas mangta hai,
Kisi khazane ki chamak nahi.
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।