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SONIKa Sindhu

बिखरे हुए है पन्नें मेरे खुद को किताबों की तरह सहेजना चाहती हु

Kitabon ki tarah || two line hindi shayari

बिखरे हुए है पन्नें मेरे
खुद को किताबों की तरह सहेजना चाहती हूँ ❣️

Jajbaat || Hindi shayari

कुछ नए अहसास लिए फिरता है,                 
ये दिल मेरा अजीब से जज्बात के लिए फिरता है,  
समझ में नहीं आ रहा चल क्या रहा है,.       
कुछ तो अजीब से सवाल के लिए फिर रहा है🥀

SONIKa Sindhu

बिखरे हुए है पन्नें मेरे खुद को किताबों की तरह सहेजना चाहती हु