dil kaala e mera
glaa vich mere raaz badhe
na tu kar ishq mere naal
mere te dhokhebaazi de ilzaam badhe
ਦਿਲ ਕਾਲ਼ਾ ਐਂ ਮੇਰਾ
ਗਲਾਂ ਵਿੱਚ ਮੇਰੀ ਰਾਜ਼ ਬੜੇ
ਨਾ ਤੂੰ ਕਰ ਇਸ਼ਕ ਮੇਰੇ ਨਾਲ
ਮੇਰੇ ਤੇ ਧੋਖੇਬਾਜ਼ੀ ਦੇ ਇਲਜਾਮ ਬੜੇ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
dil kaala e mera
glaa vich mere raaz badhe
na tu kar ishq mere naal
mere te dhokhebaazi de ilzaam badhe
ਦਿਲ ਕਾਲ਼ਾ ਐਂ ਮੇਰਾ
ਗਲਾਂ ਵਿੱਚ ਮੇਰੀ ਰਾਜ਼ ਬੜੇ
ਨਾ ਤੂੰ ਕਰ ਇਸ਼ਕ ਮੇਰੇ ਨਾਲ
ਮੇਰੇ ਤੇ ਧੋਖੇਬਾਜ਼ੀ ਦੇ ਇਲਜਾਮ ਬੜੇ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।
As we grow older we don’t lose friends,
we just learn who the real ones are.