dil karda ae tere kol aa ke ruk jaava,
teri bukkal wich rakh ke siir muk jaava,
hanju ban ke digga teriyaa aankha da,
tere bulla de kol aa ke sukh jaava
dil karda ae tere kol aa ke ruk jaava,
teri bukkal wich rakh ke siir muk jaava,
hanju ban ke digga teriyaa aankha da,
tere bulla de kol aa ke sukh jaava
आग को बुझा देता है क्रोध ।
आग जलते है हवा में, लेकिन चिंगारी में जलता है क्रोध।
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अपना कविता किसी को मत पढ़ाओ।
अगर कोई पढ़ना चाहते है, उसे सच ढूंढ़ने के लिए बताओ।
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जबाब हर बात पे मत दो।
सिर्फ वक्त का इंतज़ार करो।
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जब बन रहे हों, सुनना पड़ता हैं।
जब बन गये हों, लोग सुनने आते हैं।
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रिश्ते आसमान की रूप।
आज बारिश, कल धूप।
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बात लहर की तरह।
जनम देती रिश्ते, टूटती भी रिश्ते, सोचो ज़रा।
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मैदान में जितना राजनीती होता है, उससे भी ज्यादा होता है घर पर।
घर का बाप ही बनता है नेता, नेता पैदा भी होता हे घर पर।
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जो तुम्हे पाता है, वो किसी को मत बताओ।
समय में प्रयोग करो, नहीं तो लोग समझेंगे के तुम मुर्ख हो।
Tu v taan khusboo di tarah e sajjna
mehsoos taa hunda par kol ni
ਤੂੰ ਵੀ ਖੁਸ਼ਬੂ ਦੀ ਤਰਾ ਏ ਸੱਜਣਾਂ
ਮਹਿਸੂਸ ਤਾ ਹੁੰਦਾ ਪਰ ਕੋਲ ਨੀ