Khoobsurat bohot hai tu lekin, dil lagane ke kabil nahi hai…..
Aur Nigahon sa tere mujrim koi katil nahi hai…
खूबसूरत बहुत है तू लेकिन, दिल लगाने के काबिल नही है..
और निगाहों सा तेरे मुजरिम कोई कातिल नहीं है…
Khoobsurat bohot hai tu lekin, dil lagane ke kabil nahi hai…..
Aur Nigahon sa tere mujrim koi katil nahi hai…
खूबसूरत बहुत है तू लेकिन, दिल लगाने के काबिल नही है..
और निगाहों सा तेरे मुजरिम कोई कातिल नहीं है…
एक बचपन का जमाना था
जहाँ खुशियों का खजाना था
चाहत चांद को पाने कि थी
पर दिल तितली का दिवाना था
ना खबर अपनी थी
ना शाम का ठिकाना था
माँ की कहानी थी
परियों का फसाना था
क्यो हो गए आज हम इतने बड़े
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था❤️
हम दीवानों की बस्ती में, दीवाना एक और भी आया है..
घबराया हुआ है थोड़ा सा, नाम भी अपना बताया है..
चेहरे की शिकन उसकी साफ जाहिर करती है..
के टूट जाते हैं दिल, जिस नगरी में, उसने भी वहाँ हुनर अजमाया है..💯