
Par hnjhu vi Na aaye..!!
Dil marda hi reha
Asi ro vi nhi paye..!!

खत्म कर चुका खुद को अंदर से
बस बाहर से जालना बाकी है
भीड़ लगी है मजार पर गैरो की ,
बस अपनों का आना बाकी है
जीते जी सबको हसाया बहोत है ,
बस जाते – जाते सबको रुलाया बाकी है ।
याद करके उसे ,रोये बहोत है
जाते जाते उसे रुलाना बाकी है
खवाब देखे थे साथ के उसके कुछ
जाते हुये उन्हे दफनाना बाकी है ।
यू ना रुखसत करो विरानियत से
अभी मेरी अर्थी को सजाना बाकी है ,
यू तो गुजरा हु बहोत बार अंधेरों से
बीएस आखिरी दफा दिल्ल को जलाना बाकी है ।
Sarab aur mera kai baar breakup ho chuka hai
par kambakht har baar mujhe mna leti hai
शराब और मेरा कई बार ब्रेकअप हो चुका है
पर कमबख्त हर बार मुझे मना लेती है