Zara bhi farak nahi hu-ba-hu dhadkata hai
Ye dil nahi mere seene me tu dhadakta hai❤
ज़रा भी फर्क नहीं हू-ब-हू धड़कता है
ये दिल नहीं मेरे सीने में तू धड़कता है❤
Zara bhi farak nahi hu-ba-hu dhadkata hai
Ye dil nahi mere seene me tu dhadakta hai❤
ज़रा भी फर्क नहीं हू-ब-हू धड़कता है
ये दिल नहीं मेरे सीने में तू धड़कता है❤
HAMARE MUTABAADIL KI TALAASH HAIN UNHE
HUM SHAKAL TO MIL JAAYE UNHE LEKIN HUM SEERAT NA HO
ہمارے متبادل کی تلاش ہیں انھیں
ہم شکل تو لم جائیں انھیں ہم سیرت نہ ہو
कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।