
Dhuron todan da paap tu kamawi na..!!
Rabb vi maaf na karega ese kamma nu tere
Dil kise da tu paagla dukhawi nu..!!

रूप था उसका बहुत विशाल, राक्षस था वो बहुत भारी..
नाम था दशानन उसका, बुद्धि न जिसकी किसी से हारी..
हर कोई डरता था उससे, हो देव, दैत्य, चाहे नर-नारी..
प्रकोप था जिसका लोकों में, धरती कांपती थी सारी..
देखके ताकत को उसकी, भागे खड़े पैर बड़े बाल-धारी..
विशाल साम्राज्य पर उसके, भारी पड़ गई बस एक नारी..
घमंड को उसके चूर कर दिया, कहा समझ ना तू निर्बल नारी..
विधवंश का तेरे समय आ गया, ले आ गयी देख तेरी बारी..
लंका में बचेगा ना जीव कोई, मति जो गई तेरी मारी..
आराध्य से मेरे दूर कर दिया, भुगतेगी तेरी पीढी सारी..
रघुनंदन आए कर सागर पार, आए संग वानर गदा धारी..
एक-एक कर सबको मोक्ष दिया, सियाराम चरण लागी दुनिया सारी..
Tu taan zariya e meri ibadat da
Na puch na sukun vala haal sajjna..!!
Rahat mili menu Jo mohobbat hoyi
Tere andar bethe khuda naal sajjna🙇♀️..!!
ਤੂੰ ਤਾਂ ਜਰੀਆ ਏਂ ਮੇਰੀ ਇਬਾਦਤ ਦਾ
ਨਾ ਪੁੱਛ ਨਾ ਸੁਕੂਨ ਵਾਲਾ ਹਾਲ ਸੱਜਣਾ..!!
ਰਾਹਤ ਮਿਲੀ ਮੈਨੂੰ ਜੋ ਮੋਹੁੱਬਤ ਹੋਈ
ਤੇਰੇ ਅੰਦਰ ਬੈਠੇ ਖ਼ੁਦਾ ਨਾਲ ਸੱਜਣਾ🙇♀️..!!