
Shudaai dil te zor na koi..!!
Zehan tere ch kahe aadat ban vassna
Ke tere bina esnu hor na koi..!!

Jaan lagi oh keh gyi c,
K menu yaad na kri ,,,
Te Asi aaj vi ohdiya yaada nu,
Sambh ke betha aa …💔
ਜਾਣ ਲੱਗੀ ਉਹ ਕਹਿ ਗਈ ਸੀ
ਕਿ ਮੈਨੂੰ ਯਾਦ ਨਾ ਕਰੀਂ,,,
ਤੇ ਅਸੀਂ ਅੱਜ ਵੀ ਓਹਦੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਨੂੰ,
ਸਾਂਭ ਕੇ ਬੈਠੇ ਆ…💔
सुना है लोग तुझे आँखें भरकर देखते हैं , है मन में क्या उनके ये तो सवाल कर ।
माना लोगों की फितरत अब अच्छी नहीं , अपनी इज्जत का तू तो ज़रा ख्याल कर ।।
बादस्तूर चलती रही नाराजगी जिंदगी में , वक्त बेवक्त काफिर सा न मेरा हाल कर ।
मेरी आदतों में शूमार है तेरी मोहब्बत का सबब , खुदा का शुक्र मना बेवजह न मलाल कर ।।
बागी मिजाज़ रहा दिल का चाहतों के गुबार में , जिससे कभी मोहब्बत थी उससे अब नफरत भी बेमिसाल कर ।
क्या हुआ जो दुआ भी कुबूल न हुई , हासिल कर अपने दर्द को कुछ तो अब बवाल कर ।।