
Enjoy Every Movement of life!

Taala Jubaan te rakhi da,akal te nahi
Dukh dil ch rakhi da, shakal te nahi
ਤਾਲਾ ਜੁਬਾਨ ਤੇ ਰੱਖੀ ਦਾ, ਅਕਲ ਤੇ ਨਹੀ
ਦੁੱਖ ਦਿਲ ਚ ਰੱਖੀ ਦਾ, ਸ਼ਕਲ ਤੇ ਨਹੀ
ज़िन्दगी सीधे साधे चलना ठीक नही
उबड़ खाबड़ पड़ाव भी जरूरी है,
तैरते तैरते बाजू थक जाएंगे
एक पल के लिए नाव भी जरूरी है,
बदलाव भी जरूरी
ये घाव भी जरूरी है,
इतनी धूप अच्छी नेही
थोड़ी छांव भी जरूरी है..!
हद-ए-शहर से निकली तो,
गांव-गांव चली..
कुछ यादें मेरे संग,
पांव-पांव चली..!
सफर जो धूप का किया तो,
तजुर्बा हुआ..
वो ज़िन्दगी ही क्या जो,
छांव-छांव चली..!!