Skip to content

Dila mereya || best Punjabi status || true line shayari

Na koi bahla pyar jatawe
Na koi maare tahne..!!
Dila mereya fad tur ungli
Chal challiye desh begane..!!

ਨਾ ਕੋਈ ਬਾਹਲਾ ਪਿਆਰ ਜਤਾਵੇ
ਨਾ ਕੋਈ ਮਾਰੇ ਤਾਹਨੇ..!!.
ਦਿਲਾ ਮੇਰਿਆ ਫੜ੍ਹ ਤੁਰ ਉਂਗਲੀ
ਚੱਲ ਚੱਲੀਏ ਦੇਸ਼ ਬੇਗਾਨੇ..!!

Title: Dila mereya || best Punjabi status || true line shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


कैसे बताऊं तुम्हें ||love hindi shayari

कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
हवाओं में फैली है जो खुशबू, उसकी सादगी तुम हो…
मेरी रूह को जो ठंडक दे, वो ताज़गी तुम हो…
सज़दा करू मैं किसका, मेरी दुआओं में तुम,
मेरी वफाओं में तुम, बरसती घटाओं में तुम,
बस तुम ही तुम… तुम हो मेरे आज में मेरे कल में भी तुम,
मेरे हर वक्त में तुम, बस तुम ही तुम…
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
ये धड़कने तुम्हारी है,
मेरे दिल की कीमत समझ लेना,
बिछ जाऊं तुम्हारे क़दमों में,
इसे मेरी मन्नत समझ लेना,
तस्वीर मैं भी हूं तुम्हारी,
मुझे अपनी सीरत समझ लेना…
मेरे साए में भी अब दिखते हो तुम,
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…

Title: कैसे बताऊं तुम्हें ||love hindi shayari


छोटे भाई पर कविता || Brother poetry || Hindi poetry

सदा तुम नफरत करते हो ,पर तुमको मुझसे प्यार हैं
मेरा प्रेम हैं हल्का फुल्का , पर ये नफरत तुम पर ही भार हैं |

जो नफरत बन फुट पड़ी हैं , बस वही प्यार का सार हैं
चाहे जितनी शिद्दत कर लो , मुझको यह स्वीकार हैं ,

भैया तुम क्या जानो कितना प्यार मुझसे करते हो
अपने दिल के हाथों तुम , इतना क्यों बेजार हो

तेरे दर पर जब आउंगी क्या दूर खड़े ही पाओगे
निश्चल जड़ बन खड़े रहोगे , आँख में भर ना पाओगे |

मामा कह जब वे दौड़ेंगे ,क्या उन्हें गोद में न ले पाओगे
बच्चों की मुस्कान देख तुम , क्या निष्ठुर रह पाओगे

जब शादी होगी तेरी तो क्या जीजू से द्वेष मनाओगे
बहने करती हैं जो रश्मे ,वो किस्से करवाओगे

कोन करेगा टिका तेरा , हल्दी किससे लगवाओगे
बहन से होगी इतनी नफरत तो, गैरो से खाक निभाओगे

प्यार में ज्यादा शक्ति हैं या नफरत में हैं बताओगे
मैं तुम्हे चुनोती देती हैं , तुम नफरत करके दिखलाओगे

तुम गुस्से को मत शांत करो ,और नफरत मुझेसे करते रहना
स्नेह की अग्नि पावन हैं , तुम ही पिघलोगे ये कहती बहना

Title: छोटे भाई पर कविता || Brother poetry || Hindi poetry