Kujh lok jo apne nahi san
mere dil nu apne lagn laghe
te kujh jo apne san
ohna val dil ne kade vekheyaa na
ਕੁਝ ਲੋਕ ਜੋ ਆਪਣੇ ਨਹੀਂ ਸਨ
ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਲੱਗਣ ਲੱਗੇ
ਤੇ ਕੁਝ ਜੋ ਆਪਣੇ ਸਨ
ਉਹਨਾ ਵੱਲ ਦਿਲ ਨੇ ਕਦੇ ਵੇਖਿਆ ਨਾ
Kujh lok jo apne nahi san
mere dil nu apne lagn laghe
te kujh jo apne san
ohna val dil ne kade vekheyaa na
ਕੁਝ ਲੋਕ ਜੋ ਆਪਣੇ ਨਹੀਂ ਸਨ
ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਲੱਗਣ ਲੱਗੇ
ਤੇ ਕੁਝ ਜੋ ਆਪਣੇ ਸਨ
ਉਹਨਾ ਵੱਲ ਦਿਲ ਨੇ ਕਦੇ ਵੇਖਿਆ ਨਾ

नफ़रत का भाव ज्यों ज्यों खोता चला गया, मैं रफ्ता रफ्ता आदमी होता चला गया। फिर हो गया प्यार की गंगा से तर बतर, गुजरा जिधर से सबको भिगोता चला गया। सोचा हमेशा मुझसे किसी का बुरा न हो, नेकी हुई तो दरिया में डुबोता चला गया। कटुता की सुई लेके खड़े थे जो मेरे मीत, सद्भावना के फूल पिरोता चला गया। जितना सुना था उतना जमाना बुरा नहीं, विश्वास अपने आप पर होता चला गया। अपने से ही बनती है बिगड़ती है ये दुनियां, मैं अपने मन के मैल को धोता चला गया। उपजाऊ दिल है बेहद मेरे शहर के लोग, हर दिल में बीज प्यार का बोता चला गया।...