Diwali Punjabi Shayari 37aala was last modified: November 10th, 2024 by 37 aala
कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।
Pyar😍 howe taan gall vasson bahr ho jawe🙈
Ishq ambran 😇ch dil❤️ eh udaar ho jawe🤗..!!
Dise sajjna 😍ch noor rabbi akhiyan nu🙈
Taan hi apna💘 aap vi ohton vaar ho jawe😘..!!
ਪਿਆਰ😍 ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਗੱਲ ਵੱਸੋਂ ਬਾਹਰ ਹੋ ਜਾਵੇ🙈
ਇਸ਼ਕ ਅੰਬਰਾਂ😇 ‘ਚ ਦਿਲ❤️ ਇਹ ਉਡਾਰ ਹੋ ਜਾਵੇ🤗..!!
ਦਿਸੇ ਸੱਜਣਾ😍 ‘ਚ ਨੂਰ ਰੱਬੀ ਅੱਖੀਆਂ ਨੂੰ🙈
ਤਾਂ ਹੀ ਆਪਣਾ 💘ਆਪ ਵੀ ਉਹਤੋਂ ਵਾਰ ਹੋ ਜਾਵੇ😘..!!