दो चार दिन का इश्क़ हम नहीं किया करते,
गाँव का आशिक हूँ यूही किसी से प्यार किया नहीं करते…💯🥀
दो चार दिन का इश्क़ हम नहीं किया करते,
गाँव का आशिक हूँ यूही किसी से प्यार किया नहीं करते…💯🥀
Pehlan sara din sajjna intezaar karawe☹️
Fer aa ke khide mathe gal vi na laawe😒..!!
Dass kesi mohobbat e teri sajjna💔
Jaan kaddi jawe dino-din meri sajjna🤦..!!
ਪਹਿਲਾਂ ਸਾਰਾ ਦਿਨ ਸੱਜਣਾ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਕਰਾਵੇਂ☹️
ਫਿਰ ਆ ਕੇ ਖਿੜੇ ਮੱਥੇ ਗਲ ਵੀ ਨਾ ਲਾਵੇਂ😒..!!
ਦੱਸ ਕੈਸੀ ਮੋਹੁੱਬਤ ਏ ਤੇਰੀ ਸੱਜਣਾ💔
ਜਾਨ ਕੱਢੀ ਜਾਵੇ ਦਿਨੋਂ-ਦਿਨ ਮੇਰੀ ਸੱਜਣਾ🤦..!!
आग को बुझा देता है क्रोध ।
आग जलते है हवा में, लेकिन चिंगारी में जलता है क्रोध।
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अपना कविता किसी को मत पढ़ाओ।
अगर कोई पढ़ना चाहते है, उसे सच ढूंढ़ने के लिए बताओ।
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जबाब हर बात पे मत दो।
सिर्फ वक्त का इंतज़ार करो।
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जब बन रहे हों, सुनना पड़ता हैं।
जब बन गये हों, लोग सुनने आते हैं।
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रिश्ते आसमान की रूप।
आज बारिश, कल धूप।
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बात लहर की तरह।
जनम देती रिश्ते, टूटती भी रिश्ते, सोचो ज़रा।
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मैदान में जितना राजनीती होता है, उससे भी ज्यादा होता है घर पर।
घर का बाप ही बनता है नेता, नेता पैदा भी होता हे घर पर।
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जो तुम्हे पाता है, वो किसी को मत बताओ।
समय में प्रयोग करो, नहीं तो लोग समझेंगे के तुम मुर्ख हो।