दो चार दिन का इश्क़ हम नहीं किया करते,
गाँव का आशिक हूँ यूही किसी से प्यार किया नहीं करते…💯🥀
दो चार दिन का इश्क़ हम नहीं किया करते,
गाँव का आशिक हूँ यूही किसी से प्यार किया नहीं करते…💯🥀
खुशबू नहीं है मुझमें,
पर गुलशन महकाएं बहुत है...
मुझे आज़माया नहीं किसी ने,
मैनें अपनें आज़माएं बहुत हैं...
मैं रौनक पसंद हूं पर रौनक नहीं है मुझमें,
बुला रहे हो महफिल में वो झलक नहीं मुझमें...
इंतजाम मेरी खातिर बस इतना कर लेना
कड़वा हूं मैं,
कुछ कहूं तो मेरे होंठो पर ज़हर रख देना....
