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Do char din ka ishq || Two line shayari || love hindi shayari

दो चार दिन का इश्क़ हम नहीं किया करते,
गाँव का आशिक हूँ यूही किसी से प्यार किया नहीं करते…💯🥀

Title: Do char din ka ishq || Two line shayari || love hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Khoobsoorat toh bahut ho || hindi shayari

खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नहीं …
तेरा अंदर का दिल के दर्द का भी कोई जवाब नही ..
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही…
तेरा भीगी हुआ आंखो की नमी का भी कोई जवाब नंही
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही…
तेरा तमन्हा पूरी ना होना का भी कोई हिसाब नहीं
खुबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही…
हस्त हुए चेहरा के पीछे की खामोशी का भी कोई जवाब नंही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही…
चमकता हुआ चेहरा के पीछे के अंधेरी दुनिया का कोई जवाब नंही….
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नहीं…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नही…
तेरी हसीन झुल्फो के पीछे छुपा हुआ उलझन का भी कोई जवाब नही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नहीं…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नहीं…
पैरो का नीचा छुपा हुआ काटो का भी कोई जवाब नंही….
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नहीं….
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नहीं….
अपनो के लिए खुद को भूल जाने का भी कोई हिसाब नहीं…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नही..
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तो कोई जवाब नही….
हाथो के मेहंदी के पीछे छुपी हुई अरमानों की लकीरों का भी कोई हिसाब नही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नही…

Title: Khoobsoorat toh bahut ho || hindi shayari


ਕੋਈ ਕੋਰਾ ਕਾਗਜ਼ ਵੀ ਪੜ ਲੈਂਦਾ ਹੈ ਕੋਈ ਪੂਰੀ ਕਿਤਾਬ ਵੀ ਨਹੀਂ ਸਮਝਦਾ।।

ਮੈਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਇਨਸਾਨ ਦੇਖੇ ਨੇਂ
ਜਿਹਨਾਂ ਦੇ ਜਿਸਮ ਤੇ ਲਿਬਾਸ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ
ਮੈਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਲਿਬਾਸ ਦੇਖੇ ਨੇਂ
ਜਿਹਨਾਂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਇਨਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ
ਕੋਈ ਹਾਲਾਤ ਨਹੀਂ ਸਮਝਦਾ
ਕੋਈ ਜਜਬਾਤ ਨਹੀਂ ਸਮਝਦਾ
ਇਹ ਤਾਂ ਆਪਣੀ ਆਪਣੀ ਸਮਝ ਹੈ
ਕੋਈ ਕੋਰਾ ਕਾਗਜ਼ ਵੀ ਪੜ ਲੈਂਦਾ ਹੈ
ਕੋਈ ਪੂਰੀ ਕਿਤਾਬ ਵੀ ਨਹੀਂ ਸਮਝਦਾ।।

Title: ਕੋਈ ਕੋਰਾ ਕਾਗਜ਼ ਵੀ ਪੜ ਲੈਂਦਾ ਹੈ ਕੋਈ ਪੂਰੀ ਕਿਤਾਬ ਵੀ ਨਹੀਂ ਸਮਝਦਾ।।