दो चार दिन का इश्क़ हम नहीं किया करते,
गाँव का आशिक हूँ यूही किसी से प्यार किया नहीं करते…💯🥀
Enjoy Every Movement of life!
दो चार दिन का इश्क़ हम नहीं किया करते,
गाँव का आशिक हूँ यूही किसी से प्यार किया नहीं करते…💯🥀
कहीं देखा हैं तुमने उसे
जो मुझे सताया करता था
जब भी उदास होती थी मैं
मुझे हँसाया करता था
एक प्यार भरा रिश्ता था वो मेरा
जो मुझे अब भी याद आता हैं
खो गया वक्त के भँवर में कहीं
जो हर पल मेरे साथ होता था
आज एक अजनबी की तरह हाथ मिलाता हैं
जो छोटी से छोटी बात मुझे बताया करता था
कहीं मिले वो किसी मोड़ पर
तो उसे मेरा संदेशा देना
कोई है जो आज भी उसका इंतजार कर रहा है
जिसे वो मेरा सच्चा साथी बोला करता था.
zindagi rahi taa fir mila ge
marn to bad kon yaad rakhda