do hi rule ne Zindagi de
maape door nhi hon dene
supne jehde dekhe ne ohna nu nahi saun dene
sabisingh……
do hi rule ne Zindagi de
maape door nhi hon dene
supne jehde dekhe ne ohna nu nahi saun dene
sabisingh……
राजनीति की दुनिया में खेल बहुत है,
कोई जीता है, कोई हारा है।
सत्ता की भूख और वाद-विवाद,
मन में जलती चिंगारी है।
राजनेताओं की रंगीन छलावा,
जनता को वहमों में बँधाता है।
कुछ वादे खाली और कुछ झूले धूले,
आम आदमी को खोखला बनाता है।
वाद-विवाद के आगे सच्चाई छिपती,
लोकतंत्र की मूल्यों पर भारी है।
शोर और तामझाम में खो गई है,
सम्मान, सद्भाव और आदर्शि है।
नीतिबद्धता और समर्पण की कमी,
राजनीति को कर रही है मिट्टी।
सच्ची सेवा की बजाए प्रतिष्ठा,
हौसले को तोड़ रही है मिट्टी।
चाहे जितना बदले युगों का सफ़र,
राजनीति का रंग हर बार वही।
प्रशासनिक शक्ति की लालसा में,
जनता भूल जाती है खुद को वही।
ajeeb log baste hai tere shaher me jaaleem,
marammat kaanch kee karate hai paththar ke aujhaar se..
अजीब लोग बसते है तेरे शहेर मे जालीम,
मरम्मत कांच की करते है पथ्थर के औझार से..