Jinniyaa sakeema laniyaa
tu laale put
mainu pata tu apni aukaat dikhani aa
tu dikhale put
ਜਿਨਿਆ ਸਕਿਮਾ ਲਾਣੀ ਐਂ
ਤੂੰ ਲਾਲੇ ਪੂਤ
ਮੈਨੂੰ ਪਤਾ ਤੂੰ ਆਪਨੀ ਔਕਾਤ ਦਿਖਾਨੀ ਐਂ
ਤਾਂ ਦਿਖਾਲੇ ਪੂਤ
Jinniyaa sakeema laniyaa
tu laale put
mainu pata tu apni aukaat dikhani aa
tu dikhale put
ਜਿਨਿਆ ਸਕਿਮਾ ਲਾਣੀ ਐਂ
ਤੂੰ ਲਾਲੇ ਪੂਤ
ਮੈਨੂੰ ਪਤਾ ਤੂੰ ਆਪਨੀ ਔਕਾਤ ਦਿਖਾਨੀ ਐਂ
ਤਾਂ ਦਿਖਾਲੇ ਪੂਤ
Tum to ab aaye ho is dasht-e-mohabbat ki taraf
Maine ye khak bahut pahle udayi hai🍃
तुम तो अब आये हो इस दश्त-ए-मोहोब्बत की तरफ़
मैने ये खाक बहुत पहले उड़ाई है🍃
“फिर आज युंहिं मौसम बदला, चहकती
देखो हर एक डाल है..
मद्धम सी बरसात हुई, छिल गई कई पेड़ों की छाल है..
हर पत्ते हर डाली ने पूछा, क्या दर्द हुआ? क्या तेरा हाल है..
कहा हुआ हूं, नया मैं फिर से, क्या जानो तुम कुदरत कमाल है..
मुझको ताकत दी है इतनी, शक्ति मेरी बेमिसाल है..
हर जीव में सांसें भरता हूं, सब करते मेरा इस्तेमाल है..
काटेंगे मुझे तो भुगतेंगे, कुदरत का कहर सबसे विशाल है..
बे-मौसम जो मौसम बदल रहे हैं, जवाब पता है, फिर भी सवाल है..”