Skip to content

doori shayari, DOOR REH NA SAKI

ਭਾਂਵੇ ਦਿਲ ਦੇ ਅੰਬਰ ਵਿੱਚ ਉਹ ਸਿਮਟ ਕੇ ਰਹਿ ਨਾ ਸਕੀ
ਪਰ ਮੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਤੋਂ
ਉਹ ਦੂਰ ਰਹਿ ਨਾ ਸਕੀ

Bhawe dil de ambar vich oh simat ke reh na saki
par meriyaan yaadan ton
oh door reh na saki

Title: doori shayari, DOOR REH NA SAKI

Tags:

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Vehm aajh bhi palle hu || 2 lines shayari

Ek puraani kitab me uski tasveer sambhale hui hu
wo aayega mujhse milne ye vehm aajh bhi paale hu

एक पुरानी किताब में उसकी तस्वीर संभाले हुई हूं।
वो आएगा मुझसे मिलने ये वहम आज भी पाले हुई हूं।।💯🥀

Title: Vehm aajh bhi palle hu || 2 lines shayari


Mere dost || hindi poetry on dost

मैं ना जानू दोस्त तेरे दूर हो जाने के बाद,
यह जिंदगी कैसे जंग बन गई है।

मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
यह गांव की गलियां कैसे सुनी हो गई है।

मैंने जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
वो खेल का मैदान अब सुना लगता है।

मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
कैसे फूल जैसी जिंदगी पत्थर बन गई है।

खुद को मनाने की कोशिश करता हूं बहुत,
लेकिन क्या करूं दिल है कि मानता ही नहीं।

मैं ना जानू दोस्त तेरी दूर हो जाने के बाद,
मेरे चेहरे की हंसी कहां गुम हो गई।

मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
बाजारों की रौनक भी फीकी लगती है।

तू कब आएगा मेरे भाई मेरे दोस्त,
तेरे को हर दिन गले लगाने का मन करता है।

Title: Mere dost || hindi poetry on dost