
Enjoy Every Movement of life!

उनके चेहरे की हंसी पर नजर मेरी तब पड़ी, जब शहर में मेरा आना हुआ..
अब उनके चेहरे पर ही रहती है ये हर घड़ी, और उनका मुझे देख शर्माना हुआ..
मेरी नज़रों पे उनकी नज़रों ने लगाई ऐसी हथ-कडी, ना फिर मेरा कभी घर जाना हुआ..
अब नज़रों से सिर्फ वही देखते हैं, जो वो दिखाती है, ना जाने भरा ये हमने, कैसा हर-ज़ाना हुआ..
Khusiyaan da maksad c jisda
meri zindagi vich
gam likh gya janda janda
meri zindagi vich
ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਦਾ ਮਕਸਦ ਸੀ ਜਿਸਦਾ
ਮੇਰੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ
ਗਮ ਲਿਖ ਗਿਆ ਜਾਂਦਾ ਜਾਂਦਾ
ਮੇਰੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ