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Drunker || Hindi Poetry on LIFE

पिते भी हो पिलाते भी हो शराब हीं तो है
कोई अमृत तो नहीं जो पैसा लुटाते हो,,
ग़म तो भुल ही जाते थकान मिट जाने से
अच्छी नींद भी आती होगी भुलाने से,,
अच्छा करते हो तनावमुक्त होके सो जाते
या भटकते लड़खड़ाते कहीं चले जाते,,
तुम्हारे जैसे जितने भी होंगे ख़ुश बहुत होंगे
वाह क्या बात है मैं तो सिर्फ़ अमृत पिता,,
घंटो लाइन में लगते मेहनत करते तब जाके
कहीं नंबर आता ख़रीद के खुश हो जाते,,
मेहनत की कमाई का थोड़ा हिस्सा हीं तो है
बदले में अनगिनत खुशियाँ ख़ुश हो पाते,,
फ़ायदा तो हुआ अबतक नुकसान भी होता
नशे में चूर अपने रिश्ते नाते भुला जाते,,
कभी तो ऐसा होता अपनों को हीं बेच जाते
माँ,बाप,बहन,भाई,बीवी,बच्चो को रुलाते,,
या फ़िर खुशियों के जाने से ग़म को आने से
शराब को अमृत समझ पीते और पिलाते,,
पैसा ना होने से ऐसे लोगो के संपर्क में आते
जो भरस्टाचार अत्याचार से पैसा कमाते,,
नशा कर हत्या,लूट,अपहरण,चोरी,बलात्कार
जैसे अपराध को अंजाम या साथ दे जाते,,
अच्छा करते समाज में भरस्टाचार अत्याचार
करवाते ख़ुद भी करते पैसा कमाते लुटाते,,
आने वाले पीढ़ी के भविष्य को भी खत्म कर
मुस्कुराते अफ़सोस करते पीते और पिलाते,,
सरकार भी ना जाने कैसे बनवाते वोट दे जाते
ख़ुद भी अत्याचार करते और सबसे करवाते,,
..Priyanka Bhardwaj

Title: Drunker || Hindi Poetry on LIFE

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


बुरा नहीं हूँ मैं। || bura nahi hu mein || sad but true || hindi poetry

हाँ, मैं तीखा बोलता हूँ
सच बोलता हूँ
कड़वा बोलता हूँ
लेकिन, बुरा नहीं हूं मैं।
दिखावे की मीठी बोली नहीं बोलता
पीठ पीछे किसी की शिकायत नहीं करता
मन में दबाकर कोई बैर भाव नहीं रखता
कुंठित विचार नहीं पालता
हाँ, बुरा नहीं हूं मैं।
किसी का बुरा नहीं चाहता
किसी पर छुपकर वार नहीं करता
कभी ह्रदय छलनी हो जाए तो
छुपकर अकेले रो लेता
सबकी मदद दिल से करता
हाँ, बुरा नहीं हूं मैं।
अपनी जिम्मेदारियों से बैर नहीं मुझे
कर्म ही मेरी पहचान है
छलावे के रिश्ते बनाना नहीं आता मुझे
बुरे वक्त में साथ छोड़ना नहीं सीखा मैंने
हाँ, बुरा नहीं हूं मैं।
मौकापरस्त दुनिया ने दिल दुखाया मेरा
फिर भी चुप रहा मैं..
आवाज उठाई कभी जो मैंने
बुरा मान लिया जमाने ने
वक्त नहीं अब मेरे पास इन से उलझने का
हाँ, मैं मौन हूं..
लेकिन,
बुरा नहीं हूं मैं।।

Title: बुरा नहीं हूँ मैं। || bura nahi hu mein || sad but true || hindi poetry


Zara bhool kar to dekho || love Shayari

Mohabbat hamari bhi asar rakhti hai, 
Buhat yaad aayege zara bhool kar to dekho

Title: Zara bhool kar to dekho || love Shayari