Taala Jubaan te rakhi da,akal te nahi
Dukh dil ch rakhi da, shakal te nahi
ਤਾਲਾ ਜੁਬਾਨ ਤੇ ਰੱਖੀ ਦਾ, ਅਕਲ ਤੇ ਨਹੀ
ਦੁੱਖ ਦਿਲ ਚ ਰੱਖੀ ਦਾ, ਸ਼ਕਲ ਤੇ ਨਹੀ
Taala Jubaan te rakhi da,akal te nahi
Dukh dil ch rakhi da, shakal te nahi
ਤਾਲਾ ਜੁਬਾਨ ਤੇ ਰੱਖੀ ਦਾ, ਅਕਲ ਤੇ ਨਹੀ
ਦੁੱਖ ਦਿਲ ਚ ਰੱਖੀ ਦਾ, ਸ਼ਕਲ ਤੇ ਨਹੀ
रूप था उसका बहुत विशाल, राक्षस था वो बहुत भारी..
नाम था दशानन उसका, बुद्धि न जिसकी किसी से हारी..
हर कोई डरता था उससे, हो देव, दैत्य, चाहे नर-नारी..
प्रकोप था जिसका लोकों में, धरती कांपती थी सारी..
देखके ताकत को उसकी, भागे खड़े पैर बड़े बाल-धारी..
विशाल साम्राज्य पर उसके, भारी पड़ गई बस एक नारी..
घमंड को उसके चूर कर दिया, कहा समझ ना तू निर्बल नारी..
विधवंश का तेरे समय आ गया, ले आ गयी देख तेरी बारी..
लंका में बचेगा ना जीव कोई, मति जो गई तेरी मारी..
आराध्य से मेरे दूर कर दिया, भुगतेगी तेरी पीढी सारी..
रघुनंदन आए कर सागर पार, आए संग वानर गदा धारी..
एक-एक कर सबको मोक्ष दिया, सियाराम चरण लागी दुनिया सारी..
Koi Ajeha sheesha v bna de rabba
jis vich
insaan da chehra na
usda kirdaar dise
ਕੋਈ ਅਜਿਹਾ ਸ਼ੀਸ਼ਾ ਵੀ ਬਣਾ ਦੇ ਰੱਬਾ
ਜਿਸ ਵਿੱਚ
ਇਨਸਾਨ ਦਾ ਚਹਿਰਾ ਨਾ
ਉਸਦਾ ਕਿਰਦਾਰ ਦਿਸੇ