Jab se jana hai khud ko sfa mehtaab si ban gayi hai
Fizool nahi zindagi to shabab si van gayi hai❤️..!!
जब से जाना है खुद को सफा मेहताब सी बन गई है
फ़िज़ूल नहीं ज़िन्दगी तो शबाब सी बन गई है❤️..!!
रूठना खफा रहना ये वफा नही होती
चाहतों में लोगो से क्या खता नही होती
सबको एक जैसा क्यू समझने लगते हो
क्योंकि सारी दुनिया तो बेवफा नहीं होती
हर किसी से यारी हर किसी से वायदे
प्यार करने वालो में ये अदा नहीं होती
बे-नकाब चेहरे भी एक हिजाब रखते है
सिर्फ सात परिंदो में तो हया नही होती
सबकुछ खो दिया उसके प्यार में हमने
क्या ये भी चाहत की इंतेहा नही होती💯🙃