dimag tan sabh samajh gya
bas eh chandra dil a
jo manda nai
ਦਿਮਾਗ ਤਾਂ ਸਬ ਸਮਝ ਗਿਆ
ਬਸ ਇਹ ਚੰਦਰਾ ਦਿਲ ਆ
ਜੋ ਮੰਨਦਾ ਨਹੀਂ
Enjoy Every Movement of life!
dimag tan sabh samajh gya
bas eh chandra dil a
jo manda nai
ਦਿਮਾਗ ਤਾਂ ਸਬ ਸਮਝ ਗਿਆ
ਬਸ ਇਹ ਚੰਦਰਾ ਦਿਲ ਆ
ਜੋ ਮੰਨਦਾ ਨਹੀਂ
सबर की ये जिंदगी जाने केबी मुक्क्मल फल दिलाएगी
खाक हुये खवाबों पर कब नई कली आएगी ,
मसरूफ़ रहे हम सदा किताबों मे
क्या पता था जिंदगी का अशली सबक तो ठोकर शिखएगी ।
जो नोका जा रही ह दरीया के साथ
वो क्या ही वापिस किनारा दिखाएगी
अगर यू ही चलती रही खोवाबों की हकीकत से जंग
तो यकीनन जल्दी ही इंतकाल की खबर आएगी ।
जिन्दगी कहा शुरु कहा खत्म हो जाती हे
जो रोज दिखती वो दिख्ना कम् हो जाती हैं
जिस मा बिना न होती थी बछ्पन की सुबह
उसे वृद्धाश्रम देख आखे नम हो जाति हे