Koyi lambi chourhi gal nahi bas,,
Ehi kehna chaundi aa,,
Tere hathaan vich hatth de k,,
Mehfooz rehna chaundi aa..
Koyi lambi chourhi gal nahi bas,,
Ehi kehna chaundi aa,,
Tere hathaan vich hatth de k,,
Mehfooz rehna chaundi aa..
रोशनी भरी थी राहें मेरी, जाने कब अंधेरी हो गई..
मंजिल की तलाश में राहों से यारी, और भी गहरी हो गई..
जिन मंजिलों से लेना-देना ना था, वो बदली और मेरी हो गई..
गैर मंजिलों को इतना वक्त दिया के, खुद मंजिल मेरी खो गई..
खैर कोशिशों में कोई कमी ना थी, जो नाकाम मेरी हो गई..
मेरी मंजिल की तलाश अब भी जारी है, भले क्यूं ना देरी हो गई..
भले क्यूं ना देरी हो गई..
