कभी कभी सोचता हूँ क्या होती होगी एक शायर की मोहब्बत,
दिल जुड़ने पर प्यार भरे शेर,
दिल टूटे पर दुख भरे शेर,
उसकी याद मैं लिखे गए शेर,
और उसकी वापसी आने की उम्मीद मैं लिखे गए शेर |
कभी कभी सोचता हूँ क्या होती होगी एक शायर की मोहब्बत,
दिल जुड़ने पर प्यार भरे शेर,
दिल टूटे पर दुख भरे शेर,
उसकी याद मैं लिखे गए शेर,
और उसकी वापसी आने की उम्मीद मैं लिखे गए शेर |

Vo jo khanjar lekar hath mein,
Premika ki aur badhte hai
Esa khaufnaak gunah
Aashiq nahi karte hain 🙃💯
वो जो खंजर लेकर हाथ में,
प्रमिका की ओर बढ़ते हैं,
ऐसा खौफनाक गुनाह ,
आशिक नही करते हैं ।🙃💯