कभी कभी सोचता हूँ क्या होती होगी एक शायर की मोहब्बत,
दिल जुड़ने पर प्यार भरे शेर,
दिल टूटे पर दुख भरे शेर,
उसकी याद मैं लिखे गए शेर,
और उसकी वापसी आने की उम्मीद मैं लिखे गए शेर |
Enjoy Every Movement of life!
कभी कभी सोचता हूँ क्या होती होगी एक शायर की मोहब्बत,
दिल जुड़ने पर प्यार भरे शेर,
दिल टूटे पर दुख भरे शेर,
उसकी याद मैं लिखे गए शेर,
और उसकी वापसी आने की उम्मीद मैं लिखे गए शेर |
Vo pasand hi kya sahab,
Jisko pasand aane ke liye
Khud ko badalna pade!!💯
वो पसंद ही क्या साहब,
जिसको पसंद आने के लिये
खुद को बदलना पड़े !!💯
Lafz khatam hunde ja rahe ne
Par tere layi mohobbat byan nahi ho pa rahi..!!
ਲਫ਼ਜ਼ ਖ਼ਤਮ ਹੁੰਦੇ ਜਾ ਰਹੇ ਨੇ
ਪਰ ਤੇਰੇ ਲਈ ਮੋਹੁੱਬਤ ਬਿਆਨ ਨਹੀਂ ਹੋ ਪਾ ਰਹੀ..!!