कभी कभी सोचता हूँ क्या होती होगी एक शायर की मोहब्बत,
दिल जुड़ने पर प्यार भरे शेर,
दिल टूटे पर दुख भरे शेर,
उसकी याद मैं लिखे गए शेर,
और उसकी वापसी आने की उम्मीद मैं लिखे गए शेर |
Enjoy Every Movement of life!
कभी कभी सोचता हूँ क्या होती होगी एक शायर की मोहब्बत,
दिल जुड़ने पर प्यार भरे शेर,
दिल टूटे पर दुख भरे शेर,
उसकी याद मैं लिखे गए शेर,
और उसकी वापसी आने की उम्मीद मैं लिखे गए शेर |
Tere shehar ne mera sab luttiyaa
bhanwe kitaa aa tabaah
phir v chandre dil nu changa lagge tera garaah
ਤੇਰੇ ਸ਼ਹਿਰ ਨੇ ਮੇਰਾ ਸਬ ਲੁਟਿਆ
ਭਾਂਵੇ ਕੀਤਾ ਆ ਤਬਾਹ
ਫਿਰ ਵੀ ਚੰਦਰੇ ਦਿਲ ਨੂੰ ਚੰਗਾ ਲੱਗੇ ਤੇਰੇ ਗਰਾਂ
यादो का सिलसिला यूं चलता रहा रात भर।
आँखे मेरी बरसती रही, और तुम याद आते गए।।