कभी कभी सोचता हूँ क्या होती होगी एक शायर की मोहब्बत,
दिल जुड़ने पर प्यार भरे शेर,
दिल टूटे पर दुख भरे शेर,
उसकी याद मैं लिखे गए शेर,
और उसकी वापसी आने की उम्मीद मैं लिखे गए शेर |
Enjoy Every Movement of life!
कभी कभी सोचता हूँ क्या होती होगी एक शायर की मोहब्बत,
दिल जुड़ने पर प्यार भरे शेर,
दिल टूटे पर दुख भरे शेर,
उसकी याद मैं लिखे गए शेर,
और उसकी वापसी आने की उम्मीद मैं लिखे गए शेर |

Waqt ki majbooriyon galtfehmiyo mein fas kar reh gya apna rishta,
Varna kuch waade to agle janmo ke bhi the💔
वक़्त की मजबूरियों-गलतफहमियों में फँस के रह गया अपना रिश्ता,
वरना कुछ वादे तो अगले जनमों के भी थे!💔