कभी कभी सोचता हूँ क्या होती होगी एक शायर की मोहब्बत,
दिल जुड़ने पर प्यार भरे शेर,
दिल टूटे पर दुख भरे शेर,
उसकी याद मैं लिखे गए शेर,
और उसकी वापसी आने की उम्मीद मैं लिखे गए शेर |
Enjoy Every Movement of life!
कभी कभी सोचता हूँ क्या होती होगी एक शायर की मोहब्बत,
दिल जुड़ने पर प्यार भरे शेर,
दिल टूटे पर दुख भरे शेर,
उसकी याद मैं लिखे गए शेर,
और उसकी वापसी आने की उम्मीद मैं लिखे गए शेर |

Teri eh doori mainu maithon hi ajhnabi banaundi aa
rooh dil te kadamaan vich dig k
saari saari raat raundi aa
koee ajanabee khaas ho raha hai,
lagata hai phir pyaar ho raha hai…
कोई अजनबी ख़ास हो रहा है,
लगता है फिर प्यार हो रहा है…