कभी कभी सोचता हूँ क्या होती होगी एक शायर की मोहब्बत,
दिल जुड़ने पर प्यार भरे शेर,
दिल टूटे पर दुख भरे शेर,
उसकी याद मैं लिखे गए शेर,
और उसकी वापसी आने की उम्मीद मैं लिखे गए शेर |
कभी कभी सोचता हूँ क्या होती होगी एक शायर की मोहब्बत,
दिल जुड़ने पर प्यार भरे शेर,
दिल टूटे पर दुख भरे शेर,
उसकी याद मैं लिखे गए शेर,
और उसकी वापसी आने की उम्मीद मैं लिखे गए शेर |
meri barbaadi de do kal
ik kal jo kade auna nahi
te dujha kal jo jehan chon kade jaana nai
ਮੇਰੀ ਬਰਬਾਦੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਦੋ ਕੱਲ
ਇਕ ਕੱਲ ਜੋ ਕਦੇ ਆਉਣਾ ਨਹੀ
ਤੇ ਦੂਜਾ ਕੱਲ ਜੋ ਜ਼ਹਿਨ ਚੋਂ ਕਦੇ ਜਾਣਾ ਨਹੀਂ
Aapke ishq ka ailaan bne baithe hain
Hum fakiri mein bhi sultaan bane bethe hain
Mein apni pehchaan btaun to btaun kaise
Jab ke hum khud teri pehchaan bane bethe hain ❤
आपके “इश्क़” का ऐलान बने बैठे हैं,
हम फ़क़ीरी में भी सुल्तान बने बैठे हैं,
मैं अपनी पहचान बताऊँ तो बताऊँ कैसे,
जबकि हम ख़ुद तेरी पहचान बने बैठे हैं।❤