कभी कभी सोचता हूँ क्या होती होगी एक शायर की मोहब्बत,
दिल जुड़ने पर प्यार भरे शेर,
दिल टूटे पर दुख भरे शेर,
उसकी याद मैं लिखे गए शेर,
और उसकी वापसी आने की उम्मीद मैं लिखे गए शेर |
Enjoy Every Movement of life!
कभी कभी सोचता हूँ क्या होती होगी एक शायर की मोहब्बत,
दिल जुड़ने पर प्यार भरे शेर,
दिल टूटे पर दुख भरे शेर,
उसकी याद मैं लिखे गए शेर,
और उसकी वापसी आने की उम्मीद मैं लिखे गए शेर |
Tu jinna chahe marzi sata sajjna
Asi ta la Bethe tere dekhe saah sajjna..!!
ਤੂੰ ਜਿੰਨਾ ਚਾਹੇ ਮਰਜ਼ੀ ਸਤਾ ਸੱਜਣਾ..
ਅਸੀਂ ਤਾਂ ਲਾ ਬੈਠੇ ਤੇਰੇ ਲੇਖੇ ਸਾਹ ਸੱਜਣਾ..!!
माना गलती तुम्हारी नहीं मेरी थी
पर वो प्यार से बुलाने की आदत तो तेरी थी
हम तो प्यार करना भी नहीं चाहते
पर हमारे आग को जलाने के लिए चिंगारी भी तेरी थी…