कभी कभी सोचता हूँ क्या होती होगी एक शायर की मोहब्बत,
दिल जुड़ने पर प्यार भरे शेर,
दिल टूटे पर दुख भरे शेर,
उसकी याद मैं लिखे गए शेर,
और उसकी वापसी आने की उम्मीद मैं लिखे गए शेर |
कभी कभी सोचता हूँ क्या होती होगी एक शायर की मोहब्बत,
दिल जुड़ने पर प्यार भरे शेर,
दिल टूटे पर दुख भरे शेर,
उसकी याद मैं लिखे गए शेर,
और उसकी वापसी आने की उम्मीद मैं लिखे गए शेर |
” Way is too long so be Positive and try to fun all Alone. “
हर ख़ुशी में हर गम में आपका साथ हो
मेरे भाई तुम पापा के सर ताज हो
सभी बहनों की खुशियों का तुम ही एक राज हो
तुम ही तो रक्षाबन्धन (राखी) की लाज हो
वैसे तो पत्थर की तराह कठोर हो
लेकिन पर मुसीबत आने पर मोम की तरह पिघलते हो |
कैसे जाने बिन बताये मन की बात कैसे जान लेते हो
बहनों की परेशानीयों को अपनी मान लेते हो
हर ख़ुशी में हर गम में आपका साथ हो
मेरे भाई तुम पापा के सर ताज हो