कभी कभी सोचता हूँ क्या होती होगी एक शायर की मोहब्बत,
दिल जुड़ने पर प्यार भरे शेर,
दिल टूटे पर दुख भरे शेर,
उसकी याद मैं लिखे गए शेर,
और उसकी वापसी आने की उम्मीद मैं लिखे गए शेर |
कभी कभी सोचता हूँ क्या होती होगी एक शायर की मोहब्बत,
दिल जुड़ने पर प्यार भरे शेर,
दिल टूटे पर दुख भरे शेर,
उसकी याद मैं लिखे गए शेर,
और उसकी वापसी आने की उम्मीद मैं लिखे गए शेर |

Sahwein ho bin sheeshe aap nu nihara mein😍
Teri akhan ch dekh dekh khud nu sawara mein🙈..!!
ਸਾਹਵੇਂ ਤੇਰੇ ਹੋ ਬਿਨ ਸ਼ੀਸ਼ੇ ਆਪ ਨੂੰ ਨਿਹਾਰਾਂ ਮੈਂ😍
ਤੇਰੀ ਅੱਖਾਂ ‘ਚ ਦੇਖ ਦੇਖ ਖੁਦ ਨੂੰ ਸਵਾਰਾਂ ਮੈਂ🙈..!!