इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...
इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...
Milti bichadti duniya me bas tumhe chune
vo hota hai dost❤️
Khamoshi ke peeche ka shor sune
vo hota hai dost❤️
Muskurahat to zamana bhi dekh leta hai Udaasi me chupi vajah dhunde
vo hota hai dost❤️❤️
मिलती बिछड़ती दुनिया में बस तुम्हे चुने
वो होता है दोस्त❤️
खामोशी के पीछे का शोर सुने
वो होता है दोस्त❤️
मुस्कुराहट तो कोई भी देख लेता है उदासी के पीछे छुपी वजह ढूंढे
वो होता है दोस्त❤️❤️
Ishq sacha ho fir bhi milti nai manjile☹️
Per iska matlab yeh to nahi ki hum unko pyaar krna shod de ♥️♥️♥️