इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...
इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...
Naam saaha te likhai baitha baa te dikhai na
mere jaan picho kamleyaa kehndi roi naa
♥ ਨਾਮ ਸਾਹਾਂ ਤੇ ਲਿਖਾਈ ਬੈਠਾ ਬਾਹ ਤੇ ਦਿਖਾਈ ਨਾ,
ਮੇਰੇ ਜਾਣ ਪਿੱਛੋਂ ਕਮਲਿਆ ਕੇਹਦੀ ਰੋਈ ਨਾ ♥

