इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...
इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...
teree aarazoo mera khvaab hai,
jisaka raasta bahut kharaab hai,
mere zakhm ka andaaza na laga,
dil ka har panna dard kee kitaab hai…
तेरी आरज़ू मेरा ख्वाब है,
जिसका रास्ता बहुत खराब है,
मेरे ज़ख़्म का अंदाज़ा ना लगा,
दिल का हर पन्ना दर्द की किताब है…
Tere te chadeyaan na muhobat da rang kade
te asin utran na dayiye
us rang nu kade
ਤੇਰੇ ਤੇ ਚੜਿਆ ਨਾ ਮੁਹੋਬਤ ਦਾ ਰੰਗ ਕਦੇ
ਤੇ ਅਸੀਂ ਉਤਰਨ ਨਾ ਦਈਏ
ਉਸ ਰੰਗ ਨੂੰ ਕਦੇ