इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...
Enjoy Every Movement of life!
इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...
Doori Hui To Unse Kareeb Aur Hum Huye
Ye kese Faasle The Jo Badne Se Kam Huye….💔
दूरी हुई तो उनसे करीब और हम हुए
ये कैसे फासले थे जो बढ़ने से कम हुए….💔
