इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...
इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...
chandi rangiye tainu sone ch madhda
dekhu kive koi me bhae .. na gadhda
ਚਾਂਦੀ ਰੰਗੀਏ ਤੈਨੂੰ ਸੋਨੇ ਚ‘ ਮੜਦਾ
ਦੇਖੂ ਕਿਮੇ ਕੋਈ ਮੈ ਭੈ… ਨਾ ਗੜਦਾ
Mohobbat e sab mohobbat e rab
Mohobbat rahe bas naal mere..!!
Mohobbat e menu mohobbat naal
Jo mohobbat hoyi e naal tere..!!
ਮੋਹੁੱਬਤ ਏ ਸਭ ਮੋਹੁੱਬਤ ਏ ਰੱਬ
ਮੋਹੁੱਬਤ ਰਹੇ ਬਸ ਨਾਲ ਮੇਰੇ..!!
ਮੋਹੁੱਬਤ ਏ ਮੈਨੂੰ ਮੋਹੁੱਬਤ ਨਾਲ
ਜੋ ਮੋਹੁੱਬਤ ਹੋਈ ਏ ਨਾਲ ਤੇਰੇ..!!