इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...
Enjoy Every Movement of life!
इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...

Wo khud tumse kuch kahe tabhi kuch maanna zaruri nahi !
Wo tumse kuch na bhi kahe tab bhi sabkuch tum maan hi lena !
वो खुद तुमसे कुछ कहे तभी कुछ मानना ज़रूरी नहीं
वो तुमसे कुछ न भी कहे तब भी सब कुछ तुम मान ही लेना..