इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...
इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...
माँ की ममता ईश्वर का वरदान है
सच पूछो तो माँ, इन्सान नहीं भगवान है
माँ के चरणों में जन्नत का हर रूप होता है
माँ में हीं ईश्वर का हर स्वरूप होता है
माँ, जो हर बच्चे के दिल की चाह होती है
मुसीबत में एक नई राह होती है
जो हर किसी के करीब नहीं होती
जो हर किसी को नसीब नहीं होती
माँ की एहमियत उनसे पूछो जिनकी माँ नहीं होती है
जो हर बच्चे की जान होती है
जो हर रिश्ते का मान होती है
सभी का एक मात्र अरमान होती है
हर किसी को माँ की ममता मिले, अपनी माँ से
कभी कोई न बिछड़े अपनी माँ से
यही है मेरी एक मात्र दुआ उस खुदा से
जिनकी माँ हो, उसे क्या पता कि माँ क्या होती है
माँ को जानना है तो उनसे पूछो जिनकी माँ नहीं होती है