इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...
Enjoy Every Movement of life!
इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...
Bhul betha si kade chann taare kise de ni hoe.
Aiwe ambra wal hath marda reha..
duaa ki duaa kaam na aai woh kaisa waqt hoga
jo waada kar gya shaam ko aane ka
kai shaam gai saal beeta jo hame aise intezaar me chhod gya woh aakhir kaisa shakhsh hoga
दुआ की दुआ काम ना आई वोह कैसा वक़्त होगा
जो वादा कर गया साम को आने का
कई साम गई साल बिता जो हमें ऐसे इंतजार में छोड़ गया वोह आखिर कैसा शख्स होगा
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷