इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...
Enjoy Every Movement of life!
इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...
Tum jaa rahi ho to wo aati hi hogi,
Lekin Jitni bhi buri hogi tumse to kam hi hogi,
Aur tumne beech samandar main doobne ko chodd diya,
Aur wo to meri khatir sahil lekar zamana talaashti hi hogi.
ਤੈਨੂੰ ਇਸ਼ਕ ਸਾਬਿਤ ਕਰਾਂ ਮੈਂ
ਤੇਰੇ ਪੇਰਾਂ ਅੱਗੇ ਦਿਲ ਹਾਜ਼ਿਰ ਕਰਾਂ ਮੈਂ
ਤੂੰ ਤਾਂ ਬੱਸ ਇਸ਼ਕ ਦਾ ਨਾਂ ਏਂ ਸੁਣਿਆ
ਤੇਰੇ ਨਾਂ ਤੋਂ ਜੀ ਰਿਹਾਂ ਤੇਰੇ ਨਾਂ ਤੇ ਤੂੰ ਦੱਸ ਮਰਾ ਮੈਂ
– Guru Gaba