इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...
Enjoy Every Movement of life!
इक तरफ ज़मीं से आसमां छूने को जी करता है,
इक तरफ होंठों से ज़मीं चूमने को जी करता है...
इन चार दीवारों की सरहदें भी तो मुक्कमल है,
शाम होते ही दोनों जहां घूमने को जी करता है...
Dhundli jehi kismat dhundle jehe supne
supne hi reh gaye o
supne hi supne ….
ਧੁੰਦਲੀ ਜਿਹੀ ਕਿਸਮਤ ਧੁੰਦਲੇ ਜਿਹੇ ਸੁਪਨੇ
ਸੁਪਨੇ ਹੀ ਰਹਿ ਗਏ ਉ
ਸੁਪਨੇ ਹੀ ਸੁਪਨੇ ….
TaJpreet kaur
