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Ek umeed si || sad but true || hindi shaYARI


एक  उमीद सी  बाकी है अब भी, कि शाइद तुम लोट आओगे॥
कि तुम फिर से मुझे आकर सीने से लगाओ गे,
लेकर मेरे आँसू ,मुझे हँसना सिखाओगे,
कि शाइद तुम फिरसे ,मुझे अपना बनालोगे॥
कि शाइद तुम लोट आओगे,
एक उमीद  सी बाकी है  अब भी ,शाइद तुम लोट आओगे॥❣️

Title: Ek umeed si || sad but true || hindi shaYARI

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Hindi shayari || Ghazal by Rekhta Pataulvi

महर-ओ- वफ़ा की शमआ जलाते तो बात थी
इंसानियत का पास निभाते तो बात थी
जम्हूरियत की शान बढ़ाते तो बात थी
फ़िरक़ा परस्तियों को मिटाते तो बात थी
जिससे कि दूर होतीं कुदूरत की ज़ुल्मतें
ऐसा कोई चराग़ जलाते तो बात थी
जम्हूरियत का जश्न मुबारक तो है मगर
जम्हूरियत की जान बचाते तो बात थी
ज़रदार से यह हाथ मिलाना बजा मगर
नादार को गले से लगाते तो बात थी
बर्बाद होने का तो कोई ग़म नहीं मगर
अपना बनाके मुझको मिटाते तो बात थी
हिंदुस्तान की क़सम ऐ रेख़्ता हूँ ख़ुश
पर मुंसिफ़ी की बात बताते तो बात थी

Title: Hindi shayari || Ghazal by Rekhta Pataulvi


SIK SIK KE

Likhan me tere baare geet meri kalam hairaan likh likh ke hanju marrh gaye kore kagzaan te akhar ban ke jo dulhe ne birhe di agh 'ch sik sik ke

Likhan me tere baare geet
meri kalam hairaan likh likh ke
hanju marrh gaye kore kagzaan te akhar ban ke
jo dulhe ne birhe di agh ‘ch sik sik ke