एक उमीद सी बाकी है अब भी, कि शाइद तुम लोट आओगे॥
कि तुम फिर से मुझे आकर सीने से लगाओ गे,
लेकर मेरे आँसू ,मुझे हँसना सिखाओगे,
कि शाइद तुम फिरसे ,मुझे अपना बनालोगे॥
कि शाइद तुम लोट आओगे,
एक उमीद सी बाकी है अब भी ,शाइद तुम लोट आओगे॥❣️
Enjoy Every Movement of life!
एक उमीद सी बाकी है अब भी, कि शाइद तुम लोट आओगे॥
कि तुम फिर से मुझे आकर सीने से लगाओ गे,
लेकर मेरे आँसू ,मुझे हँसना सिखाओगे,
कि शाइद तुम फिरसे ,मुझे अपना बनालोगे॥
कि शाइद तुम लोट आओगे,
एक उमीद सी बाकी है अब भी ,शाइद तुम लोट आओगे॥❣️
Jo mukaadrra ‘ch na likhiyaa howe
aksar hi ohde naal muhobat ho jaandi e
ਜੋ ਮੁਕੱਦਰਾਂ ‘ਚ ਨਾ ਲਿਖਿਆ ਹੋਵੇ..
ਅਕਸਰ ਹੀ ਉਹਦੇ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ 💞ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਏ..
बदल जाओ वक्त के साथ
या फिर वक्त बदलना सीखो
मजबूरियों को मत कोसो
हर हाल में चलना सीखो