Main mohabbat se jyada ummeedo se haari hoon…
मैं मोहब्बत से ज़्यादा उम्मीदों से हारी हूँ।।
Main mohabbat se jyada ummeedo se haari hoon…
मैं मोहब्बत से ज़्यादा उम्मीदों से हारी हूँ।।
Sachi kasam ton khaa lete e dagebaaz
maarne ke liye toh bewafai kaafi thi
ਸੱਚੀ ਕਸਮ ਤੋ ਖ਼ਾ ਲੇਤੇ ਏ ਦਗੇਬਾਜ਼
ਮਾਰਨੇ ਕੇ ਲਿਏ ਤੋ ਬੇਵਫਾਈ ਕਾਫੀ ਥੀ
कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।