Main mohabbat se jyada ummeedo se haari hoon…
मैं मोहब्बत से ज़्यादा उम्मीदों से हारी हूँ।।
Main mohabbat se jyada ummeedo se haari hoon…
मैं मोहब्बत से ज़्यादा उम्मीदों से हारी हूँ।।
चलो ना आज तुम्हें एक गज़ल सुनाती हूं।
गज़ल के साथ कुछ और भी बताती हूं ।
भरोसा करने से ज्यादा उसे निभाना सिखाती हूं।
साथ ही अपनी जिंदगी बताती हूं❤️
समझ सका ना कोई मुझे तुम्हें समझाती हूं ।
चलो कुछ पुरानी यादें तुम पे लुटती हूं ।
मंजिल तो सुहानी होती है।
सफर कैसा होता है तुम्हें रूबरू कराती हूं।
सब्र करना मुश्किल था लेकिन अब सब सह जाती हूं।
चलो तुम्हें अपनी जिंदगी का आज हिस्सा बनाती हूं।
Manisha ❤️Mann ✍️

ishq ne saada sab kujh luttiyaa
putthiyan sidhiyaan dawaan naal
hun taan bas jindri kati di aaa
haukiyaan haawan naal