Main mohabbat se jyada ummeedo se haari hoon…
मैं मोहब्बत से ज़्यादा उम्मीदों से हारी हूँ।।
Enjoy Every Movement of life!
Main mohabbat se jyada ummeedo se haari hoon…
मैं मोहब्बत से ज़्यादा उम्मीदों से हारी हूँ।।
१ के कलियों सी मुस्कुराती हो
फूलो सी सरमति हो
और पता नही क्यों
तुम मुझे इस तरह देखकर
यू फिसल जाती हो
२ के तुम्हारी आंखों को देखकर
कयामत आ जाती है
और तुम मेरे दिल में बसी हो इस तरह
के मौत भी दूर भागती है
कुबूल ही क्यों किया तूने मेरा इश्क
जब तुझे था ही नहीं मुझसे प्यार|
बार बार दिल क्यों दुखाता है मेरा,
एक बार ही ज़ख्म दे देता यार||
–हिरल सिंह