Main mohabbat se jyada ummeedo se haari hoon…
मैं मोहब्बत से ज़्यादा उम्मीदों से हारी हूँ।।
Enjoy Every Movement of life!
Main mohabbat se jyada ummeedo se haari hoon…
मैं मोहब्बत से ज़्यादा उम्मीदों से हारी हूँ।।

डाल हिलाकर आम बुलाता तब कोयल आती है। नहीं चाहिए इसको तबला, नहीं चाहिए हारमोनियम, छिप-छिपकर पत्तों में यह तो गीत नया गाती है! चिक्-चिक् मत करना रे निक्की, भौंक न रोजी रानी, गाता एक, सुना करते हैं सब तो उसकी बानी। आम लगेंगे इसीलिए यह गाती मंगल गाना, आम मिलेंगे सबको, इसको नहीं एक भी खाना। सबके सुख के लिए बेचारी उड़-उड़कर आती है, आम बुलाता है, तब कोयल काम छोड़ आती है।