Bapu da dar vi bhut aa,
Te bapu karke kise da dar vi nhi aa!❤
ਬਾਪੂ ਦਾ ਡਰ ਵੀ ਬੋਹਤ ਆ,
ਤੇ ਬਾਪੂ ਕਰਕੇ ਕਿਸੇ ਦਾ ਡਰ ਵੀ ਨਹੀ ਆ ! ❤
Bapu da dar vi bhut aa,
Te bapu karke kise da dar vi nhi aa!❤
ਬਾਪੂ ਦਾ ਡਰ ਵੀ ਬੋਹਤ ਆ,
ਤੇ ਬਾਪੂ ਕਰਕੇ ਕਿਸੇ ਦਾ ਡਰ ਵੀ ਨਹੀ ਆ ! ❤
तिश्नगी थी मुलाक़ात की,
उस से हाँ मैंने फिर बात की।
दुश्मनी मेरी अब मौत से,
ज़िंदगी हाथ पे हाथ की।
सादगी उसकी देखा हूँ मैं,
हाँ वो लड़की है देहात की।
तुमने वादा किया था कभी,
याद है बात वो रात की।
अब मैं कैसे कहूँ इश्क़ इसे,
बात जब आ गई ज़ात की।
मुझसे क्या दुश्मनी ऐ घटा,
क्यों मेरे घर पे बरसात की।
हमको मालिक ने जितना दिया,
सब ग़रीबों में ख़ैरात की।
तू कभी मिल तो मालूम हो,
क्या है औक़ात औक़ात की।
Asi v naraazgi othe jataunde aa
jithe umeed howe kise de manaun di
ਅਸੀ ਵੀ ਨਰਾਜ਼ਗੀ ਉੱਥੇ ਜਤਾਉਂਦੇ ਆਂ..
ਜਿੱਥੇ ਉਮੀਦ ਹੋਵੇ ਕਿਸੇ ਦੇ ਮਨਾਉਣ ਦੀ🥀..