Bapu da dar vi bhut aa,
Te bapu karke kise da dar vi nhi aa!❤
ਬਾਪੂ ਦਾ ਡਰ ਵੀ ਬੋਹਤ ਆ,
ਤੇ ਬਾਪੂ ਕਰਕੇ ਕਿਸੇ ਦਾ ਡਰ ਵੀ ਨਹੀ ਆ ! ❤
Bapu da dar vi bhut aa,
Te bapu karke kise da dar vi nhi aa!❤
ਬਾਪੂ ਦਾ ਡਰ ਵੀ ਬੋਹਤ ਆ,
ਤੇ ਬਾਪੂ ਕਰਕੇ ਕਿਸੇ ਦਾ ਡਰ ਵੀ ਨਹੀ ਆ ! ❤
Naa maaro paani vich pathar us paani nu v koi peenda howega ..
Aapni zindagi nu has ke guzaaro yaaro, tuhaanu vekh ke v koi jeona howega
ਨਾ ਮਾਰੋ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪੱਥਰ ਉਸ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਵੀ ਕੋਈ ਪੀਂਦਾ ਹੋਵੇਗਾ….!
ਆਪਣੀ ਜਿੰਦਗੀ ਨੂੰ ਹੱਸ ਕਿ ਗੁਜਾਰੋ ਯਾਰੋ ,ਤੁਹਾਨੂੰ ਵੇਖ ਕੇ ਵੀ ਕੋਈ ਜਿਉਂਦਾ ਹੋਵੇਗਾ…!
आग को बुझा देता है क्रोध ।
आग जलते है हवा में, लेकिन चिंगारी में जलता है क्रोध।
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अपना कविता किसी को मत पढ़ाओ।
अगर कोई पढ़ना चाहते है, उसे सच ढूंढ़ने के लिए बताओ।
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जबाब हर बात पे मत दो।
सिर्फ वक्त का इंतज़ार करो।
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जब बन रहे हों, सुनना पड़ता हैं।
जब बन गये हों, लोग सुनने आते हैं।
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रिश्ते आसमान की रूप।
आज बारिश, कल धूप।
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बात लहर की तरह।
जनम देती रिश्ते, टूटती भी रिश्ते, सोचो ज़रा।
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मैदान में जितना राजनीती होता है, उससे भी ज्यादा होता है घर पर।
घर का बाप ही बनता है नेता, नेता पैदा भी होता हे घर पर।
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जो तुम्हे पाता है, वो किसी को मत बताओ।
समय में प्रयोग करो, नहीं तो लोग समझेंगे के तुम मुर्ख हो।