Bapu da dar vi bhut aa,
Te bapu karke kise da dar vi nhi aa!❤
ਬਾਪੂ ਦਾ ਡਰ ਵੀ ਬੋਹਤ ਆ,
ਤੇ ਬਾਪੂ ਕਰਕੇ ਕਿਸੇ ਦਾ ਡਰ ਵੀ ਨਹੀ ਆ ! ❤
Bapu da dar vi bhut aa,
Te bapu karke kise da dar vi nhi aa!❤
ਬਾਪੂ ਦਾ ਡਰ ਵੀ ਬੋਹਤ ਆ,
ਤੇ ਬਾਪੂ ਕਰਕੇ ਕਿਸੇ ਦਾ ਡਰ ਵੀ ਨਹੀ ਆ ! ❤
वो खुशियों की डगर, वो राहों में हमसफ़र,
वो साथी था जाना पहचाना,
दिल हैं उसकी यादों का दीवाना
वो साथ था जाना पहचाना
गम तो कई उसने भी देखे,
पर राहों में चले खुशियों को लेके
दिल चाहता हैं हर दम हम साथ चलें,
पर इस राह में कई काले बादल हैं घने
वो साथ था जाना पहचाना
मेरे आसुओं को था जिसने थामा,
मुझसे ज्यादा मुझको पहचाना
चारों तरफ था घनघोर अँधियारा,
बनकर आया था जीवन में उजियारा
वो साथ था जाना पहचाना
गिन-गिन कर तारे भी गिन जाऊ,
पर उसकी यादों को भुला ना पाऊ
कहता था अक्सर हर दिन हैं मस्ताना,
हर राह में खुशियों का तराना
वो साथ था जाना पहचाना
कहता हैं मुझे भूल जाना,
अपनी यादों में ना बसाना
देना चाहूँ हर ख़ुशी उसे,
इसीलिए, मिटाना चाहूँ दिल से
वो साथ था जाना पहचाना
तरुण चौधरी
Likhan waaleyaa ho ke dyaal likh de
ik likhi na maa baap da vichhodha
Hor Bhawe dukh hazaar likh de
ਲਿਖਣ ਵਾਲਿਆ ਹੋ ਕੇ ਦਿਆਲ ਲਿਖ ਦੇ
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਚ ਮੇਰੇ ਮਾਾਂ ਬਾਪ ਦਾ ਪਿਆਰ ਲਿਖ ਦੇ
ਇੱਕ ਲਿਖੀ ਨਾ ਮਾਂ ਬਾਪ ਦਾ ਵਿਛੋੜਾ
ਹੋਰ ਭਾਵੇ ਦੁੱਖ ਹਜ਼ਾਰ ਲਿਖ ਦੇ