Cool jeha subaah teri mutiyaar da
fool jeha na samjhi
lakhan vichon ik haa
fazool jehi na samjhi
Cool ਜਿਹਾ ਸੁਭਾਅ ਤੇਰੀ ਮੁਟਿਆਰ ਦਾ #
Fool ਜਿਹੀ ਨਾ ਸਮਝੀ #
ਲਖਾਂ ਵਿਚੋ ਇਕ ਹਾ #
ਫਜੂਲ ਜਿਹੀ ਨਾ ਸਮਝੀ...
Cool jeha subaah teri mutiyaar da
fool jeha na samjhi
lakhan vichon ik haa
fazool jehi na samjhi
Cool ਜਿਹਾ ਸੁਭਾਅ ਤੇਰੀ ਮੁਟਿਆਰ ਦਾ #
Fool ਜਿਹੀ ਨਾ ਸਮਝੀ #
ਲਖਾਂ ਵਿਚੋ ਇਕ ਹਾ #
ਫਜੂਲ ਜਿਹੀ ਨਾ ਸਮਝੀ...
कहते थे साथ ना छोड़ेंगे हम,
आज वो रिश्ते यूँ रुसवा हो गए |
मेरी होंठो पे हंसी देखेंगे हर दम,
कहने वाले आज बेगाने हो गए|
आँखों में खुशियों की चमक देने वाले,
आज उदासी का आलम दे गए |
छोटी – सी बात का तल्ख क्यूँ इतना,
प्यार के वादे का हर जुमला झूठे हो गए |
इश्क में जला करते थे जो दिन – रात,
अब वो परवाने नफ़रत में जल गए |
हो जाती सुलह माफ़ी दिल में रखने से,
वो तो अपनी जिद के पैमाने हो गए|
हार में ही होती है, मुहब्बत की जीत
जीतने की जुस्तजू में वो जुदा हो गए |
दिल धड़कता था जिसके लिए हर पल,
वो दिल अब खौफजदा हो गए|
पहुंच जाते थे मेरी खामोशी में जो मुझ तक,
वही आज लफ्जों में अलविदा कह गए||
चाल अभी धीमी है,
पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।
हालात अभी उलझे हैं,
पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।
हौसलों की कमी नहीं,
क़्त भले ना हो ज्यादा।
शह मात की खेल है जिंदगी,
मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।
पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,
रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।
गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,
आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।
लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,
अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।
डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,
धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।
तरुण चौधरी