socheyaa si k na keeta jaawe ishq
asi fir v ishq ch pe gaye
had ton vadh kita ishq
asi fir v ikalle reh gaye
ਸੋਚਿਆ ਸੀ ਕਿ ਨਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਇਸ਼ਕ
ਅਸੀਂ ਫਿਰ ਵੀ ਇਸ਼ਕ ਚ ਪੈ ਗਏੇ
ਹਦ ਤੋਂ ਵੱਧ ਕੀਤਾ ਇਸ਼ਕ
ਅਸੀਂ ਫਿਰ ਵੀ ਕਲੇ ਰੇਹ ਗਏ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
socheyaa si k na keeta jaawe ishq
asi fir v ishq ch pe gaye
had ton vadh kita ishq
asi fir v ikalle reh gaye
ਸੋਚਿਆ ਸੀ ਕਿ ਨਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਇਸ਼ਕ
ਅਸੀਂ ਫਿਰ ਵੀ ਇਸ਼ਕ ਚ ਪੈ ਗਏੇ
ਹਦ ਤੋਂ ਵੱਧ ਕੀਤਾ ਇਸ਼ਕ
ਅਸੀਂ ਫਿਰ ਵੀ ਕਲੇ ਰੇਹ ਗਏ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
हवाओं में फैली है जो खुशबू, उसकी सादगी तुम हो…
मेरी रूह को जो ठंडक दे, वो ताज़गी तुम हो…
सज़दा करू मैं किसका, मेरी दुआओं में तुम,
मेरी वफाओं में तुम, बरसती घटाओं में तुम,
बस तुम ही तुम… तुम हो मेरे आज में मेरे कल में भी तुम,
मेरे हर वक्त में तुम, बस तुम ही तुम…
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
ये धड़कने तुम्हारी है,
मेरे दिल की कीमत समझ लेना,
बिछ जाऊं तुम्हारे क़दमों में,
इसे मेरी मन्नत समझ लेना,
तस्वीर मैं भी हूं तुम्हारी,
मुझे अपनी सीरत समझ लेना…
मेरे साए में भी अब दिखते हो तुम,
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
ज्यादा सोचना ये एक बिमारी है और,
मन की बात कहना उसकी दवाई..
Jyada sochna ye ek bimari hai aur,
Man ki bat kahana uski dawai…