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FIr v ikalle || punjabi shayari alone

socheyaa si k na keeta jaawe ishq
asi fir v ishq ch pe gaye
had ton vadh kita ishq
asi fir v ikalle reh gaye

ਸੋਚਿਆ ਸੀ ਕਿ ਨਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਇਸ਼ਕ
ਅਸੀਂ ਫਿਰ ਵੀ ਇਸ਼ਕ ਚ ਪੈ ਗਏੇ
ਹਦ ਤੋਂ ਵੱਧ ਕੀਤਾ ਇਸ਼ਕ
ਅਸੀਂ ਫਿਰ ਵੀ ਕਲੇ ਰੇਹ ਗਏ

—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷

Title: FIr v ikalle || punjabi shayari alone

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Mooh pe ungali rakho

मुंह पे उंगली रखो तमाशा मत करो।
है चुप रहने की दवा मना मत करो।।

राम लाल जी बोले अपनी बीवी से
बीवी बड़ी भयंकर थी
जटा खोलें शिव शंकर थी
नेत्रों से ऐसी फूटी ज्वाला
“पीछे हटो ” कहकर
धक्का दे डाला।

शब्द बाणों के तो अपने विवाह दिवस से ही
राम लाल जी थे आदी
धक्का खाकर आज पता चला
क्या होती है शादी।

थोड़ी सी टूटी कमर
थोड़ी सी निकली आह
यह वही पत्नी थी
जिसको पाने के लिए मांगी थी दुआ
दुआ का प्रसाद क्या दे गया भगवान
पूजा की थी 5 साल
लेकर इस लड़की का नाम।

लेकिन अब लड़की बन गयी देवी
सो देवी पूजा उतारने को तैयार
जब भी कुछ बोले राम लाल जी
सीखा देती बोलने का शिष्टाचार।

किन्तु आज मामला हो गया था गर्म
भूल गए थे राम लाल जी पति धर्म
तो धर्म था पत्नी को ले जाना फिल्म दिखाने
और लाल जी घर चले आये गुन-गुनाते गाने।

तो इस तरह पत्नी के सपनों को खाक में मिलाकर
ढाई घंटे तक मेकअप की तपस्या करवाकर
आते ही बोल पड़े जानू आज क्या है खाने में
भूल गए सुबह वादा हुआ था फिल्म देखने जाने में।
फिल्म के साथ, बाहर खाने का भी था विचार
पत्नी ने तो कर भी दिया आस-पड़ोस में प्रचार
लेकिन पति देव आये पूरे दो घंटे लेट
गुस्सा तो आया कि कर दें दो-तीन थप्पड़ भेंट
किन्तु पत्नी थी क्षमाशील और दयावान
दो-तीन अपशब्द और एक धक्के से चलाया काम।

लेकिन पत्नी की इस हायतौबा ने
राम लाल जी का दिल कर दिया घायल
क्यों कि वो दो घंटे की देर इसलिए
खरीदने लगे थे पत्नी के लिए पायल
वही पायल जो दो दिन पहले पत्नी को
खूब पसंद थी आयी
और आज राम लाल जी की
रुकी सैलरी अचानक से आयी
ख़ुशी से लाल जी चले गए बाजार
आज पत्नी को पायल देनी उपहार
और बताना चाहते थे कितना है
दिल में पत्नी के लिए प्यार
किन्तु उससे पहले पत्नी ने बता दिया।

 

Title: Mooh pe ungali rakho


Bhta paise wala nhi || dil de jazbaat || punjabi thoughts

Main bhta paise wala ta nhi par kina k haga ne us nal tanu khush rakha sakda aa
main bhta yaara wala nhi jina k hga ne oh sath dena wala ne bhti shayari wala ta nhi jina k likhda us nal khush rehna wala hain

Title: Bhta paise wala nhi || dil de jazbaat || punjabi thoughts