Friendship is a temple of fire,
Its essence is gold hidden in the sand.
When it burns in the sun,
You will find its splendour.
Friendship is a temple of fire,
Its essence is gold hidden in the sand.
When it burns in the sun,
You will find its splendour.
मैं ये सोचता हूं मेरा हाल क्या होगा
जब मेरी मां का इंतकाल होगा
अभी तक मैने कोई फर्ज पूरा नहीं किया
अभी तक कोई उसका कोई कर्ज पूरा नहीं किया
मेरे पास अभी वक्त ही नही है
पर वो मुझसे सख्त भी नही है
वो मंजर कैसे देखूंगा
वो बदनसीबी का साल होगा
मेरी मां का जब इंतकाल होगा
ऐ खुदा बस इतनी सी दुआ है मेरी
खुश रहे जब तक मां है मेरी
मैं उस जन्नत में खो जाना चाहता हूं
अपनी मां के आंचल में सो जाना चाहता हूं
ये दौलत नही मैं प्यार लेना चाहता हूं
उससे आशीष को उधार लेना चाहता हूं
मैं पैसे का क्या करूंगा ये माल क्या होगा
जब मेरी मां का इंतकाल होगा
ऐसे खामोश रहूंगा तो वक्त बीत जायेगा
वो बूढ़ी हो जायेगी बुढ़ापा जीत जायेगा
जब तक जिंदा है पूजा करना चाहता हूं
और कोई ना दूजा करना चाहता हूं
अभी भी वक्त है ले लो आशीष को
वरना जीवन भर तुमको मलाल होगा
मैं ये सोचता हूं मेरा हाल क्या होगा
मेरी मां का जब इंतकाल होगा
तुझे अपना बनाने की तो मेरी, दिल से ख्वाहिश पूरी है..
पर तू मुझे चाहे उसके लिए तेरे, ख्वाबों में आना जरुरी है..
ख़्वाबों में आने के लिए तेरा, दिल धड़काना जरुरी है..
तुझे अपना बनाने से पहले, तेरा बन जाना जरुरी है..
हाथ लगाने से पहले, तेरे लबों पर मेरा नाम आना जरुरी है..
तुझे साथी बनाने से पहले, तेरा साथ निभाना जरुरी है..
तू दीवानी हो मेरी, और मेरा, तेरी अदाओं पे मर जाना जरुरी है..
तेरे किसी और को चाहने से पहले, तेरा मुझे चाहना जरुरी है..
तुझे अपना बनाने की तो मेरी, दिल से ख्वाहिश पूरी है….