Friendship isn’t about who you known the longest. it’s about who walked into your life and said I am here for you and proved it
Friendship isn’t about who you known the longest. it’s about who walked into your life and said I am here for you and proved it
ना जाने क्यो सोचते है…हर वख्त तेरे बारे में!
लगता है सोहबत में तेरी मुझे ईश्क होने लगा है!
देखते हो जब मुझे शरमा कर आंखे झुक जाती है,
हर अदा पर तेरा पहरा सा महसूस होने लगा है
देखूं जब भी आइना अक्स तेरा मुझमे दिखने लगा है
खोई रहती हूं , वख्त बेवख्त तेरे ख्यालो में
ओर दिल भी ज़ोर ज़ोर से धड़कने लगा है
लगता है तू सोच में मेरी हावी होने लगा है
राजनीति की दुनिया में खेल बहुत है,
कोई जीता है, कोई हारा है।
सत्ता की भूख और वाद-विवाद,
मन में जलती चिंगारी है।
राजनेताओं की रंगीन छलावा,
जनता को वहमों में बँधाता है।
कुछ वादे खाली और कुछ झूले धूले,
आम आदमी को खोखला बनाता है।
वाद-विवाद के आगे सच्चाई छिपती,
लोकतंत्र की मूल्यों पर भारी है।
शोर और तामझाम में खो गई है,
सम्मान, सद्भाव और आदर्शि है।
नीतिबद्धता और समर्पण की कमी,
राजनीति को कर रही है मिट्टी।
सच्ची सेवा की बजाए प्रतिष्ठा,
हौसले को तोड़ रही है मिट्टी।
चाहे जितना बदले युगों का सफ़र,
राजनीति का रंग हर बार वही।
प्रशासनिक शक्ति की लालसा में,
जनता भूल जाती है खुद को वही।