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Fursat nahi || Hindi shayari

Tanhai aur dard ka aalam tum kya samjhoge
Tumhe to ashq bahane se fursat nahi
Kisi ke dil ki halat tum kya samjhoge
Tumhe to ilzaam lagane se fursat nahi ✌️😕

तन्हाई और दर्द का आलम तुम क्या समझोगे,
तुम्हे तो अश्क बहाने से फुर्सत नहीं।
किसी के दिल कि हालत तुम क्या समझोगे,
तुम्हे तो इल्जाम लगाने से फुर्सत नहीं।✌️😕

Title: Fursat nahi || Hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Hindi poetry || desh poetry कविता – शहादत के बोल

माथे पे तिलक लगाकर कूद पड़े थे अंग़ारो पे,
माटी की लाज के लिए उनके शीश थे तलवारों पे।
भगत सिंह की दहाड़ के मतवाले वो निर्भर नहीं थे किन्ही हथियारों पे,
अरे जब देशहित की बात आए तो कभी शक ना करो सरदारों पे॥
आज़ादी की थी ऐसी लालसा की चट्टानों से भी टकरा गये,
चंद आज़ादी के रणबाँकुरो के आगे लाखों अंग्रेज मुँह की खा गये।
विद्रोह की हुंकार से गोरों पे मानो मौत के बादल छा गये,
अरे ये वही भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव है जिनकी बदौलत हम आज़ादी पा गये॥
आज़ादी मिली पर इंक़लाब की आग में अपने सब सुख-दुःख वो भूल गये,
जननी से बड़ी माँ धरती जिसकी ख़ातिर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु झूल गये॥
अब राह तक रही उस माँ को कौन जाके समझाएगा,
कैसे बोलेगा उसको की माँ अब तेरा लाल कभी नहीं आएगा।
बस इतना कहूँगा कि धन्य हो जाएगा वो आँचल जो भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु सा बेटा पाएगा,
क्योंकि इस माटी का हर कण और बच्चा-बच्चा उसे अपने दिल में बसाएगा॥

Title: Hindi poetry || desh poetry कविता – शहादत के बोल


Tadapdiyan rehan || Punjabi sad shayari || heart broken

Hizran ch rul gayi zind de gama ch
Futt futt ro ro ke thakiyan di..!!
Jo tangh kise di ch rehan tadapdiyan
Kon peedh pachane ohna akhiyan di..!!

ਹਿਜ਼ਰਾਂ ‘ਚ ਰੁਲ ਗਈ ਜ਼ਿੰਦ ਦੇ ਗਮਾਂ ‘ਚ
ਫੁੱਟ ਫੁੱਟ ਰੋ ਰੋ ਕੇ ਥੱਕੀਆਂ ਦੀ..!!
ਜੋ ਤਾਂਘ ਕਿਸੇ ਦੀ ‘ਚ ਰਹਿਣ ਤੜਪਦੀਆਂ
ਕੌਣ ਪੀੜ ਪਛਾਣੇ ਉਹਨਾਂ ਅੱਖੀਆਂ ਦੀ..!!

Title: Tadapdiyan rehan || Punjabi sad shayari || heart broken