
dabbe hoye si teri ek chingari ne fukte
tu sanu chadgi si grib jan ke
un yaar kakaj de wangu passe fukde


तनहाई तलाश रही मुझको, और मुझे तलाश है बस तेरी..
गर मुमकिन है तो आ जाओ, इंतजार में नजरें हैं मेरी..
इंहे नींद नहीं अब आती है, राहों में टिकी हैं ये तेरी..
यकीन न इनको होता है, के तूने भी आंखें हैं फेरी..
समझाऊं केसे मैं इनको, किस्मत में नहीं है तू मेरी..
जिन आंखों को हैं ये ढूंढ़ रही, बंद हैं वो आंखें तेरी..
जेसे दिल है हार गया मेरा, वैसे हारेगी अब रूह मेरी..
अब थक कर ये सोएंगी जब, होगी जिस्म से जान जुदा मेरी..