हर जंग उम्मीद के दीये से ही लड़ी जाती है,
हर सिपाही यही सोचकर रणभूमि में उतरता है
कि विजयी होकर अपनों के बीच लौटेगा।
मगर जंग तो जंग है,
किसी को हारना ही पड़ता है,
किसी को घर छोड़ना ही पड़ता है।
और जो जीतते हैं,
वो भी कुछ खोकर ही जीत हासिल करते हैं।
यही हर जंग का आधार है, और ज़िन्दगी का सार भी है। 🌸
हर सिपाही यही सोचकर रणभूमि में उतरता है
कि विजयी होकर अपनों के बीच लौटेगा।
मगर जंग तो जंग है,
किसी को हारना ही पड़ता है,
किसी को घर छोड़ना ही पड़ता है।
और जो जीतते हैं,
वो भी कुछ खोकर ही जीत हासिल करते हैं।
यही हर जंग का आधार है, और ज़िन्दगी का सार भी है। 🌸” target=”_blank” rel=”noopener noreferrer nofolllow external”>Translate Facebook Whatsapp
Rehna taan jag te kise ne v nahi
Pata nahi fir v lok ainiyaan aakadaan kahton chuki firde ne
ਰਹਿਣਾ ਤਾਂ ਜੱਗ ਤੇ ਕਿਸੇ ਨੇ ਵੀ ਨਹੀ,
ਪਤਾ ਨਹੀਂ ਫਿਰ ਵੀ ਲੋਕ ਐਨੀਆਂ ਆਕੜਾਂ ਕਾਹਤੋਂ ਚੁੱਕੀ ਫਿਰਦੇ ਨੇ ।