chen udh gya dil da
naa neend rahi raatan di
tu kaisa rog la dita
aadat pe gai
teriyaan yaadan di, mulakaatan di
ਚੈਨ ਉੱਡ ਗਿਆ ਦਿਲ ਦਾ
ਨਾ ਨੀਂਦ ਰਹੀ ਰਾਤਾਂ ਦੀ
ਤੂੰ ਕੈਸਾ ਰੋਗ ਲਾ ਦਿਤਾ
ਆਦਤ ਪੈ ਗਈ
ਤੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਦੀ, ਮੁਲਾਕਾਤਾਂ ਦੀ
अगर औरत नहीं होती, तो मुहब्बत नहीं होती।
अगर बंगाल माँ नहीं होती, तो भारत माता भी नहीं होती।
हर एक इंसान के पास दिल है।
भारत में भी बंगाल है।
मर्द सिर्फ इंसान होता है।
औरत केवल माँ होती है।
इंसान को दुःख देने में बहुत मज़ा आता है।
इंसान का दुःख में सिर्फ कुत्ते रोते हैं।
जिंदगी का स्टेशन पर ट्रेन रुक गई।
समय कभी रुकता नहीं, छुट्टी गुज़र गई।
समय की नदी, मैं अकेला नहीं।
पिता नाव है, माँ मांझी, जिंदगी यही।