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Gam panne pe || hindi shayari

Shayari mein apna dard talash kroge to bta nhi payegi…
Usmein gam auro ka likha hai, tumhara jta nhi payegi…
Apne gam aur khushi ko panne pe utarna sikh lo..
Ye mera tazurba kehta hai, tumhe koi takleef staa nhi payegi…

शायरी में अपना दर्द तलाश करोगे तो बता नहीं पायेगी..
उसमे गम ओरों का लिखा है, तुम्हारा जता नहीं पायेगी..
अपने गम और खुशी को पन्ने पे उतारना सीख लो..
ये मेरा तजुर्बा कहता है, तुम्हे कोई तकलीफ सता नहीं पायेगी.

Title: Gam panne pe || hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


छोटे भाई पर कविता || Brother poetry || Hindi poetry

सदा तुम नफरत करते हो ,पर तुमको मुझसे प्यार हैं
मेरा प्रेम हैं हल्का फुल्का , पर ये नफरत तुम पर ही भार हैं |

जो नफरत बन फुट पड़ी हैं , बस वही प्यार का सार हैं
चाहे जितनी शिद्दत कर लो , मुझको यह स्वीकार हैं ,

भैया तुम क्या जानो कितना प्यार मुझसे करते हो
अपने दिल के हाथों तुम , इतना क्यों बेजार हो

तेरे दर पर जब आउंगी क्या दूर खड़े ही पाओगे
निश्चल जड़ बन खड़े रहोगे , आँख में भर ना पाओगे |

मामा कह जब वे दौड़ेंगे ,क्या उन्हें गोद में न ले पाओगे
बच्चों की मुस्कान देख तुम , क्या निष्ठुर रह पाओगे

जब शादी होगी तेरी तो क्या जीजू से द्वेष मनाओगे
बहने करती हैं जो रश्मे ,वो किस्से करवाओगे

कोन करेगा टिका तेरा , हल्दी किससे लगवाओगे
बहन से होगी इतनी नफरत तो, गैरो से खाक निभाओगे

प्यार में ज्यादा शक्ति हैं या नफरत में हैं बताओगे
मैं तुम्हे चुनोती देती हैं , तुम नफरत करके दिखलाओगे

तुम गुस्से को मत शांत करो ,और नफरत मुझेसे करते रहना
स्नेह की अग्नि पावन हैं , तुम ही पिघलोगे ये कहती बहना

Title: छोटे भाई पर कविता || Brother poetry || Hindi poetry


Umar zaya kardi || Khuda🤍

Umar zaya kardi auro ke vajood me kamiya nikalte nikalte itna khud ko trasha hota to khuda mil jata

 उम्र जाया करदी औरों के वजूद में कमियां निकालते निकालते इतना खुद को तराशा होता तो खुदा मिल जाता 

Title: Umar zaya kardi || Khuda🤍